पीएनबी खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, बैंक में होने वाले इन बदलावों को जरूर पढ़ लें
कानपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) बिरहाना रोड शाखा को अन्य शाखाओं में विलय करके इसे खत्म किया जा रहा है। जुलाई 2019 में इस शाखा के खाताधारक माल रोड शाखा, नयागंज व रतनलाल नगर शाखा में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। मुख्यालय से इस विलय को मंजूरी मिल गई है। बैंक के इस कदम से कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों में रोष है।
बैंकों में इन दिनों खर्चे नियंत्रित करने की कवायद चल रही है। पंजाब नेशनल बैंक की यह कवायद भी इसी नजरिये से देखी जा रही है। बैंक के सूत्र बताते हैं कि बहुत नजदीकी शाखाओं में से कुछ शाखाओं को कम करना और शहर के अंदर पुरानी शाखाओं को एक दूसरे में विलय किए जाने की योजना है।
30 हजार खाताधारक होंगे इधर से उधर
बिरहाना रोड शाखा में करीब 30 हजार खाताधारक हैं। बड़ी शाखा होने की वजह से इसमें सहायक महाप्रबंधक स्तर का अधिकारी शाखा प्रबंधक है। इस शाखा को 10 करोड़ रुपये तक का लोन देने का अधिकार है। इसमें नयागंज किराना बाजार, सराफा बाजार, दवा बाजार के अलावा दर्जनों थोक और फुटकर बाजारों के व्यापारियों के खाते हैं। इन सभी के खाते इधर से उधर ट्रांसफर किए जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि इस बैंक के लॉकर नयागंज में जाएंगे। जमा खाते माल रोड शाखा में और लोन खाते रतनलाल नगर शाखा में शिफ्ट किए जाएंगे। बैंक में 700 लोन खाते हैं।
बिल्डिंग की बिक्री भी बन रही वजह
बैंक के सूत्र बताते हैं कि पंजाब नेशनल बैंक अपने बिरहाना रोड स्थित ऑफिस के भवन की बिक्री करना चाहता है। इसका सौदा शहर के एक सराफा कारोबारी से हो भी गया है। इस वजह से खाताधारक शिफ्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा रीजनल ऑफिस को भी यहां से शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। बैंक का प्रबंधन शहर में रीजनल ऑफिस लायक स्थान खोज रहा है। यह भी बताया जा रहा कि पीएनबी की कई शाखाएं घाटे में चल रही हैं। उन शाखाओं की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए भी बड़ी शाखाओं को छोटी शाखा में मर्ज किया जा रहा है।
1946 से अस्तित्व में, एचसीबी से बना था पीएनबी
बिरहाना रोड स्थित जिस बिल्डिंग में पीएनबी की शाखा और रीजनल ऑफिस है, वहां वर्ष 1946 में हिंदुस्तान कामर्शियल बैंक (एचसीबी) की शुरुआत हुई थी। इसे शहर के उद्योगपति सर पदमपत सिंहानिया ने शुरू किया था। थोक बाजार के पास होने की वजह से यहां ज्यादातर कारोबारियों और व्यापारियों के खाते थे। वर्ष 1986 में एचसीबी का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया।
बिरहाना रोड शाखा में पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या है। इसके अलावा बिल्डिंग पुरानी होती जा रही है। खाताधारकों को ज्यादा सुविधा देने के लिए बिरहाना रोड शाखा को शिफ्ट किया जा रहा है। - सुबोध काला, डीजीएम व सर्किल हेड, पंजाब नेशनल बैंक