सीएसए के वैज्ञानिक ने जारी की एडवाइजरी: बढ़ते तापमान से सब्जियों का करें बचाव, किसानों के लिए जरूरी खबर
डॉ. राजीव के अनुसार एनपीके 19:19:19 का 1.5 से 2 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें। पौधों को हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगभग 12 से 15 दिन के अंतराल पर सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त उर्वरक का पत्तों पर छिड़काव करें जो उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
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संरक्षित ढांचों में इन फसलों की अवधि लंबी होने के कारण पुष्पन एवं फल विकास दोनों प्रक्रिया साथ-साथ चलती रहती है, इसलिए यह आवश्यक है कि किसान निरंतर सिंचाई करते रहें। पॉली हाउस के अंतर्गत लगे फोगर उपकरणों का भी प्रयोग करते रहें, जिससे उसके अंदर पर्याप्त नमी बनी रहेगी और बढ़ते तापमान का प्रतिकूल प्रभाव फसलों पर नहीं पड़ेगा। डॉ. राजीव के अनुसार एनपीके 19:19:19 का 1.5 से 2 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें।
पौधों को हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगभग 12 से 15 दिन के अंतराल पर सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त उर्वरक का पत्तों पर छिड़काव करें जो उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा। यदि पोषक तत्व युक्त उर्वरक उपलब्ध नहीं है तो इसके स्थान पर सागरिका का छिड़काव कर सकते हैं।
पॉली हाउस एवं नेट हाउस आदि संरक्षित ढांचों के अंदर वर्तमान समय में खीरा, करेला, तरोई आदि लता वर्गी फसलों की बुवाई सीधे अथवा अलग से नर्सरी तैयार करके की जा सकती है।