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रिटर्न में सभी बैंक खातों का ब्यौरा जरूरी

Sat, 18 Apr 2015 02:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sat, 18 Apr 2015 02:56 AM IST
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Important details of all bank accounts in return
आयकर विभाग से कमाई छिपाना अब और मुश्किल होगा। नए वित्तीय वर्ष के लिए जारी किए गए रिटर्न फॉर्मेट में अब करदाता को सभी बैंक खातों का ब्यौरा देेना होगा। इसके अतिरिक्त विदेशी स्रोतों से होने वाली आय का भी ब्यौरा देना होगा, भले ही वह भारतीय कर व्यवस्था के दायरे में न आती हो। रिटर्न दाखिल करने वाले को विदेश यात्रा का भी ब्योरा देना होगा साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न को आधार कार्ड से भी लिंक करने की व्यवस्था की गई है।
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प्रत्येक वर्ष आयकर विभाग इनकम टैक्स रिटर्न में कुछ संशोधन करता है। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए इस बार तीन प्रमुख बिंदुओं को लेकर संशोधन किया गया है।

सिविल लाइंस स्थित आयकर मुख्यालय को प्राप्त संशोधन की प्रति के मुताबिक नए रिटर्न में व्यापारी, वेतनभोगी, किराएदारी से आय करने वाले समेत सभी प्रकार के करदाताओं को अपने सभी बैंक खातों का ब्यौरा बैंक शाखा, आईएफएससी कोड आदि के साथ अनिवार्य रूप से देना होगा।
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अभी तक आयकर विभाग किसी एक खाते की जानकारी ही मांगता था। जानकारों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे किसी भी तरह का लेनदेन या पैसा आयकर विभाग से छिपाकर बैंक में न रखा जा सके। न केवल सिंगल बल्कि ज्वाइंट एकाउंट वाले खातों की सूचना भी रिटर्न में देनी होगी।
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यही नहीं 31 मार्च 2015 को सभी खातों में मौजूद बैलेंस की सूचना भी रिटर्न में दी जाएगी, भले ही यह खाता इस तिथि के बाद बंद कर दिया गया हो। पहली बार आयकर विभाग ने ऐसी आय की सूचना भी मांगी है, जो करयोग्य नहीं है।

नए प्रावधानों के मुताबिक ऐसे भारतीय जिन्हें विदेशी स्रोतों से आय होती है और संबंधित देश के हिसाब से उस आय पर टैक्स दिया जाता है, भले ही यह आयकर के दायरे में न आती हो लेकिन उसकी सूचना भी रिटर्न में देनी होगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु में आयकर विभाग ने आधार खाता नंबर की सूचना भी रिटर्न में देने को कही है। हालांकि अभी यह अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक रूप से लागू किया गया है।


कालेधन के प्रचलन पर रोक लगाने की दिशा में आयकर विभाग तत्परता दिखा रहा है। नए संशोधन से लोग अब बेनामी खातों में जमा रकम को छुपा नहीं सकेंगे। आधार कार्ड को लिंक करने का इंतजाम भी बेहतर है।

सीए अभिषेक पांडेय, आयकर सलाहकार
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