{"_id":"5b49c6634f1c1b44748b4986","slug":"iit-students-created-mobile-app","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आईआईटी के छात्रों ने बनाया अनोखा मोबाइल एप, खूबी जानकर हैरान रह जाएंगे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी के छात्रों ने बनाया अनोखा मोबाइल एप, खूबी जानकर हैरान रह जाएंगे
- आईआईटी में समर ऑफ कोड प्रोग्राम के तहत छात्रों ने बनाया मोबाइल ऐप
- समापन समारोह में विजेताओं को दिया गया इनाम
विज्ञापन
1 of 5
आईआईटी कानपुर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग में दो माह से चल रहे समर ऑफ कोड कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। इस दौरान छात्रों को अलग-अलग तरह के मोबाइल ऐप बनाने के लिए टास्क दिए गए थे जिसका लाभ समाज का हर तबका ले सके। इसमें पहला स्थान सेवियर मोबाइल ऐप ने जीता।
2 of 5
आईआईटी कानपुर
यह एक ऐसा ऐप है जो किसी भी घटना की सूचना 45 सेकेंड के अंदर ही घटनास्थल के नजदीकी पुलिस थाने व अस्पताल को भेज देती है। इस ऐप को छात्र अनिकेत सांघी, नमन गुप्ता, यशार्थ बाजपेयी, तन्मय यादव, सौरव कुमार ने तैयार किया है। अनिकेत ने बताया कि इस ऐप में पांच इमरजेंसी कांटैक्ट जोड़े गए हैं जो यूजर की लोकेशन तुरंत अस्पताल में भेज देती है।
3 of 5
आईआईटी कानपुर
यही नहीं इस ऐप की खासियत है कि यह अचानक लगने वाले धक्के को पहले से पता लगाकर इंसान को आगाह कर देती है। समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान प्रो. संदीप शुक्ला ने छात्रों को संबोधित करते हुए बधाई दी। प्रो. शुक्ला ने बताया कि समर ऑफ कोड के तहत चयनित होने वाले छात्रों को आईआईटी के इंक्यूबेशन सेंटर में स्टार्टअप शुरू करने का मौका प्रदान किया जाएगा और सिडबी जैसी संस्थानों से उसे फंड भी दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑनलाइन अटेंडेंस की सुविधा
4 of 5
आईआईटी कानपुर
छात्र गरिमेल्ला गोहन रघु, वतनपूरी वामसी, चींदीराला संसाक, डी ए बदजीराव, कुमार गौरव सोंगारा ने पेपरलेस अटेंडेंस मोबाइल ऐप तैयार किया है। यह मोबाइल ऐप छात्र के चेहरे को रीड करके उसकी क्लास में उपस्थिति दर्ज कर सकती है। खास बात है कि इस ऐप के जरिए कक्षाओं में होने वाली प्रॉक्सी अटेंडेंस को रोका जा सकता है। इसमें छात्र को अपना अनुक्रमांक, पाठ्यक्रम संख्या तथा दो फोटो जिसमें एक खुद की और दूसरी क्लास की अपलोड करनी होगी। इस ऐप को दूसरा स्थान दिया गया है।
विज्ञापन
खाना फेंकने की बजाय मोबाइल पर करें अपडेट
5 of 5
आईआईटी कानपुर
छात्र केशव बंसल, हिमांशु पांडेय, आयुष थरवानी, मो. साकिब हुसैन ने मिलकर ब्लिस मोबाइल ऐप बनाया है। इस ऐप के जरिए लोग अपने घरों, पार्टी में बचने वाले खाने की जानकारी दे सकते हैं। वहीं सामाजिक संस्थान जो लोगों को खाना खिलाने का काम करते हैं वो इस ऐप के जरिए वहां से गरीबों को बांटने के लिए खाना प्राप्त कर सकते हैं। इस मोबाइल ऐप को तीसरा स्थान मिला है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।