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आईआईटी के छात्रों ने बनाया अनोखा मोबाइल एप, खूबी जानकर हैरान रह जाएंगे

Sat, 14 Jul 2018 06:20 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 14 Jul 2018 06:20 PM IST
सार

- आईआईटी में समर ऑफ कोड प्रोग्राम के तहत छात्रों ने बनाया मोबाइल ऐप
- समापन समारोह में विजेताओं को दिया गया इनाम

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IIT students created mobile app
आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग में दो माह से चल रहे समर ऑफ कोड कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। इस दौरान छात्रों को अलग-अलग तरह के मोबाइल ऐप बनाने के लिए टास्क दिए गए थे जिसका लाभ समाज का हर तबका ले सके। इसमें पहला स्थान सेवियर मोबाइल ऐप ने जीता।

 
IIT students created mobile app
आईआईटी कानपुर
यह एक ऐसा ऐप है जो किसी भी घटना की सूचना 45 सेकेंड के अंदर ही घटनास्थल के नजदीकी पुलिस थाने व अस्पताल को भेज देती है। इस ऐप को छात्र अनिकेत सांघी, नमन गुप्ता, यशार्थ बाजपेयी, तन्मय यादव, सौरव कुमार ने तैयार किया है। अनिकेत ने बताया कि इस ऐप में पांच इमरजेंसी कांटैक्ट जोड़े गए हैं जो यूजर की लोकेशन तुरंत अस्पताल में भेज देती है।

 
IIT students created mobile app
आईआईटी कानपुर
यही नहीं इस ऐप की खासियत है कि यह अचानक लगने वाले धक्के को पहले से पता लगाकर इंसान को आगाह कर देती है। समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान प्रो. संदीप शुक्ला ने छात्रों को संबोधित करते हुए बधाई दी। प्रो. शुक्ला ने बताया कि समर ऑफ कोड के तहत चयनित होने वाले छात्रों को आईआईटी के इंक्यूबेशन सेंटर में स्टार्टअप शुरू करने का मौका प्रदान किया जाएगा और सिडबी जैसी संस्थानों से उसे फंड भी दिलाया जाएगा।

 
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ऑनलाइन अटेंडेंस की सुविधा

IIT students created mobile app
आईआईटी कानपुर
छात्र गरिमेल्ला गोहन रघु, वतनपूरी वामसी, चींदीराला संसाक, डी ए बदजीराव, कुमार गौरव सोंगारा ने पेपरलेस अटेंडेंस मोबाइल ऐप तैयार किया है। यह मोबाइल ऐप छात्र के चेहरे को रीड करके उसकी क्लास में उपस्थिति दर्ज कर सकती है। खास बात है कि इस ऐप के जरिए कक्षाओं में होने वाली प्रॉक्सी अटेंडेंस को रोका जा सकता है। इसमें छात्र को अपना अनुक्रमांक, पाठ्यक्रम संख्या तथा दो फोटो जिसमें एक खुद की और दूसरी क्लास की अपलोड करनी होगी। इस ऐप को दूसरा स्थान दिया गया है।

 
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खाना फेंकने की बजाय मोबाइल पर करें अपडेट

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आईआईटी कानपुर
छात्र केशव बंसल, हिमांशु पांडेय, आयुष थरवानी, मो. साकिब हुसैन ने मिलकर ब्लिस मोबाइल ऐप बनाया है। इस ऐप के जरिए लोग अपने घरों, पार्टी में बचने वाले खाने की जानकारी दे सकते हैं। वहीं सामाजिक संस्थान जो लोगों को खाना खिलाने का काम करते हैं वो इस ऐप के जरिए वहां से गरीबों को बांटने के लिए खाना प्राप्त कर सकते हैं। इस मोबाइल ऐप को तीसरा स्थान मिला है। 
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