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कश्मीर पर आईआईटीयन की अभद्र पोस्ट वायरल, छात्र बोले- देशद्रोही पर कार्रवाई हो
Thu, 08 Aug 2019 03:52 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2019 03:52 PM IST
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कानपुर आईआईटी
आईआईटी कानपुर के एक छात्र द्वारा कश्मीर को लेकर किए गए फेसबुक पोस्ट पर हंगामा खड़ा हो गया है। छात्र को खालिस्तानी समर्थक बताया जा रहा है। मटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के इस छात्र ने सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 खत्म करने पर अभद्र और भड़काऊ पोस्ट डाली है। देखते ही देखते छात्र का यह पोस्ट वायरल हो गया है।
कैंपस के अन्य छात्रों ने इसे देश विरोधी पोस्ट बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। विवाद बढ़ता देख छात्र ने पोस्ट ही डिलिट कर दी, लेकिन तब तक पोस्ट का छात्रों ने स्क्रीन शॉट ले लिया था। यह पोस्ट पांच अगस्त की है। छात्र ने देश के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक बातें लिखी हैं, बल्कि कश्मीरियों को भड़काने का भी काम किया है।
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कैंपस के अन्य छात्रों ने इसे देश विरोधी पोस्ट बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। विवाद बढ़ता देख छात्र ने पोस्ट ही डिलिट कर दी, लेकिन तब तक पोस्ट का छात्रों ने स्क्रीन शॉट ले लिया था। यह पोस्ट पांच अगस्त की है। छात्र ने देश के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक बातें लिखी हैं, बल्कि कश्मीरियों को भड़काने का भी काम किया है।
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देशद्रोह का मामला दर्ज हो
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और उ.प्र. विधि महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि यह पोस्ट देशद्रोह के अंतर्गत आती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) और आईटी एक्ट के तहत छात्र पर मुकदमा होना चाहिए। शुक्ल के मुताबिक भारतीय संविधान यह कहता है कि कोई भी व्यक्ति जो देश की एकता, संप्रभुता को खंडित करने की कोशिश करता है, वह देशद्रोही होता है। ऐसे मामले में पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। शुक्ल ने कहा कि अगर पुलिस स्वयं इसे संज्ञान नहीं लेता है तो वह खुद मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
छात्र ने अपने पर्सनल फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की है। यह उसका व्यक्तिगत विचार होगा। इसका संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है। अगर छात्र ने देश-विरोधी पोस्ट की है तो यह कानूनी मसला है।
- प्रो. अभय करंदीकर, निदेशक, आईआईटी कानपुर
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और उ.प्र. विधि महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि यह पोस्ट देशद्रोह के अंतर्गत आती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) और आईटी एक्ट के तहत छात्र पर मुकदमा होना चाहिए। शुक्ल के मुताबिक भारतीय संविधान यह कहता है कि कोई भी व्यक्ति जो देश की एकता, संप्रभुता को खंडित करने की कोशिश करता है, वह देशद्रोही होता है। ऐसे मामले में पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। शुक्ल ने कहा कि अगर पुलिस स्वयं इसे संज्ञान नहीं लेता है तो वह खुद मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
छात्र ने अपने पर्सनल फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की है। यह उसका व्यक्तिगत विचार होगा। इसका संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है। अगर छात्र ने देश-विरोधी पोस्ट की है तो यह कानूनी मसला है।
- प्रो. अभय करंदीकर, निदेशक, आईआईटी कानपुर