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क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए कुंभी की भूमि पर आईआईटी के विशेषज्ञ सहमत
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खानचंद्रपुर में डंप क्रोमियम कचरा। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। खानचंद्रपुर में एकत्र 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए सेंगुर नदी किनारे कुंभी में देखी गई भूमि पर आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने सहमति दी है। आईआईटी के विशेषज्ञों ने यूपीसीडा के अफसरों के साथ पिछले सप्ताह भूमि का जायजा लिया था। अब भूमि आवंटन के लिए लिखापढ़ी की गई है।
रनियां नगर पंचायत क्षेत्र में खानचंद्रपुर में छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम सल्फेट कचरा डंप है। एनजीटी की सख्ती पर प्रदेश सरकार ने क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
राज्यस्तरीय समिति में निर्णय के बाद आईआईटी कानपुर को प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी बनाया गया है। जनवरी 2021 में यूपीसीडा और आईआईटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। कुंभी में गाटा संख्या 592 की 15 एकड़ भूमि क्रोमियम निस्तारण के लिए चिह्नित की गई थी।
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पिछले सप्ताह आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने यह भूमि देखी और इसे उपयुक्त बताया है। विशेषज्ञों की सहमति के बाद अब यूपीसीडा की ओर से भूमि आवंटन के लिए जिला प्रशासन को लिखापढ़ी शुरू की गई है।
अकबरपुर के कुंभी में चिह्नित 15 एकड़ भूमि पर कोमियम कचरा निस्तारण के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने सहमति दी है। अब भूमि आवंटन के लिए जिला प्रशासन ने अनुरोध किया गया है। - संजय तिवारी, एक्सईएन यूपीसीडा
क्रोमियम कचरा निस्तारण में खर्च होंगे 158 करोड़
खुले में क्रोमियम कचरा फेंकने से भूजल दूषित हो गया है। छह फैक्टरियों पर एनजीटी ने 280 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। फैक्टरी संचालक हाईकोर्ट चले गए इसकी वजह से जुर्माना वसूला नहीं जा सका है। इधर क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए आईआईटी ने 158 करोड़ रुपये खर्च का प्राक्कलन बनाया है। आईआईटी के विशेषज्ञों की निगरानी में कंक्रीट के गड्ढे बनाकर क्रोमियम कचरा का निपटारा होगा।
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रनियां नगर पंचायत क्षेत्र में खानचंद्रपुर में छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम सल्फेट कचरा डंप है। एनजीटी की सख्ती पर प्रदेश सरकार ने क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
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राज्यस्तरीय समिति में निर्णय के बाद आईआईटी कानपुर को प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी बनाया गया है। जनवरी 2021 में यूपीसीडा और आईआईटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। कुंभी में गाटा संख्या 592 की 15 एकड़ भूमि क्रोमियम निस्तारण के लिए चिह्नित की गई थी।
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पिछले सप्ताह आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने यह भूमि देखी और इसे उपयुक्त बताया है। विशेषज्ञों की सहमति के बाद अब यूपीसीडा की ओर से भूमि आवंटन के लिए जिला प्रशासन को लिखापढ़ी शुरू की गई है।
अकबरपुर के कुंभी में चिह्नित 15 एकड़ भूमि पर कोमियम कचरा निस्तारण के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने सहमति दी है। अब भूमि आवंटन के लिए जिला प्रशासन ने अनुरोध किया गया है। - संजय तिवारी, एक्सईएन यूपीसीडा
क्रोमियम कचरा निस्तारण में खर्च होंगे 158 करोड़
खुले में क्रोमियम कचरा फेंकने से भूजल दूषित हो गया है। छह फैक्टरियों पर एनजीटी ने 280 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। फैक्टरी संचालक हाईकोर्ट चले गए इसकी वजह से जुर्माना वसूला नहीं जा सका है। इधर क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए आईआईटी ने 158 करोड़ रुपये खर्च का प्राक्कलन बनाया है। आईआईटी के विशेषज्ञों की निगरानी में कंक्रीट के गड्ढे बनाकर क्रोमियम कचरा का निपटारा होगा।