IIT Cultural Fest: राहगीर के गीतों पर झूमे आईआईटियंस, फिल्मी सितारों के कार्यक्रम में अतुल तिवारी ने रखे विचार
Kanpur News: आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्ट अंतराग्नि के दूसरे दिन सिंगर राहगीर ने अपने गीतों पर युवाओं को झुमाया। वहीं, अक्षर द्वारा फिल्मी सितारों से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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अभी पतझड़ नहीं आया, अभी से पत्ते झड़ गए, भाई राहगीर ये हम कौन सी गाड़ी पे चढ़ गए....जैसे ही सिंगर राहगीर ने अपने गीत की प्रस्तुति दी, तो ओपन एयर थियेटर (ओएटी) में मौजूद सभी झूमे उठे। मौका था आईआईटी के अंतराग्नि और अक्षर फेस्टिवल के तहत आयोजित कार्यक्रम राहगीर लाइव का। युवाओं के बीच अपने गीतों से पहचान बना चुके राहगीर ने क्या जयपुर क्या दिल्ली....कच्चा घड़ा हूं सुनाया तो तालियों के शोर से थिएटर गूंज उठा। अंतराग्नि का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।
आईआईटी कानपुर में चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि और तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव अक्षर के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को अंतराग्नि की शुरुआत पोएट्री, मोनो एक्ट, काव्यांजलि के साथ हुई। अक्षर की शुरुआत ''''सिनेमा: महज मनोरंजन या सामाजिक परिवर्तन का साधन'''' विषय पर परिचर्चा का आयोजन हुआ। जिसमें अतुल तिवारी, सुहैल तातरी, मेघना मलिक, आनंद कक्कड़ और तरुण शुक्ला ने अपने विचार व्यक्त किए।
दोपहर के अलग अलग कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को अपनी ओर आकर्षित किया। कहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर संदेश दिया गया तो कहीं, रॉक बैंड वॉर में टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी। कहीं स्टेज प्ले हुए तो कहीं कथक और कव्वाली के कार्यक्रमों ने समां बांधा। मुख्य आकर्षण का केंद्र सिंगर राहगीर की परफार्मेंस रही। खचाखच भरे हॉल में राहगीर के हर गीत पर आईआईटियंस ने जोश दिखाया। एक घंटे की प्रस्तुति में सभी अपनी जगह में सधे बैठे रहे।
बॉलीवुड नाइट में बादशाह के गीतों पर झूमेंगे सभी
अंतराग्नि के आकषर्ण का केंद्र होने वाले बॉलीवुड नाइट कार्यक्रम में रैपर बादशाह अपने गीतों की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में प्रवेश पास के माध्यम से होगा। 20 अक्तूबर को शाम सात बजे प्रो-नाइट ग्राउंड में कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। तीन घंटे चलने वाले कार्यक्रम को लेकर संस्थान में तैयारियां चलती रहीं। स्टेज और ग्राउंड डेकोरेशन का काम चलता रहा।
अतुल तिवारी बोले- साहित्य में मनोरंजन की खोज करने लगा समाज
आईआईटी के सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि के दूसरे दिन अक्षर द्वारा फिल्मी सितारों से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फिल्म अभिनेत्री मेघना, निदेशक सुहैल ततारी, अतुल तिवार, थियेटर आर्टिस्ट तरुण शुक्ला और एंकर की भूमिका में आनंद कक्कड़ ने हिस्सा लिया। अतुल तिवारी ने फिल्मों पर सेंसर लगाने पर ऐतराज जताया, कहा फिल्म बनते ही निर्देशक सवालों के घेरे में आ जाता है।
आईआईटियंस ने भी रखे अपने विचार
साहित्य को समाज संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन अब साहित्य में लोग मनोरंजन खोज रहे हैं, वहीं फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती थीं लेकिन अब सामाजिक सरोकार की जिम्मेदारी थोपकर फिल्मों को समाज संभालने की जिम्मेदारी दी जा रही है। तरुण शुक्ला, आनंद कक्कड़ और सुहैल ततारी ने फिल्म निर्देशन के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। अभिनेत्री मेघना मलिक ने अभिनय में आने वाली चुनौतियों पर विचार साझा किए। अंत में आईआईटियंस ने भी अपने विचार व्यक्त किए।