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फर्रुखाबाद: सुभाष को ठिकाने लगाने में आईजी की थी अहम भूमिका, गांव पहुंचे तो बैंड बाजे से हुआ स्वागत
Mon, 03 Feb 2020 07:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 03 Feb 2020 07:59 PM IST
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करथिया गांव पहुंचे आईजी, एसपी व एएसपी का बैंड बाजे से हुआ स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में सुभाष के खात्मे में अहम भूमिका निभाने वाले आईजी जोन का सोमवार को करथिया गांव में बैंड बाजे से स्वागत किया गया। आईजी, एसपी व एएसपी को फूलमालाओं से लाद दिया गया। मंच पर पूरे समय लोगों ने फूलों की वर्षा की। स्वागत से गदगद आईजी को आखिरकार लोगों को रोकना पड़ा। कुछ युवक उनको गोद में उठाकर गांव में घुमाना चाहते थे।
करथिया गांव पहुंचे आईजी, एसपी व एएसपी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को गांव करथिया को सजाया गया। गांव में घुसते ही चूना डालकर गांव का नाम व आगे के रास्ते के लिए तीर के निशान बनाए गए। गांव के हर मोड़ पर लोग फूलमालाएं लेकर खड़े थे। गांव पहुंचे आईजी मोहित अग्रवाल को गाड़ी से उतरते ही फूलमालाओं से लाद दिया गया।
करथिया गांव पहुंचे आईजी, एसपी व एएसपी का बैंड बाजे से हुआ स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
साथ पहुंचे एसपी डॉ. अनिल मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह व सीओ राजवीर सिंह को भी फूलमालाएं पहनाईं। सभी को गांव के लोग बैंडबाजे के साथ कार्यक्रम स्थल तक लाए। पूरे रास्ते आईजी व एसपी जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
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करथिया गांव पहुंचे आईजी, एसपी व एएसपी का बैंड बाजे से हुआ स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
कुछ युवकों ने आईजी को गोद में उठाकर गांव में घुमाने का प्रयास किया। इस पर उन्होंने मना कर दिया। इससे पहले आईजी मोहम्मदाबाद कोतवाली में जा रहे थे तो लोगों ने संकिसा चौराहे पर रोककर जोरदार स्वागत किया।
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करथिया गांव पहुंचे आईजी, एसपी व एएसपी का बैंड बाजे से हुआ स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
सुभाष के दोस्त अंशुल की टीम को किया सम्मानित
बच्चों को बंधक बनाए जाने के दौरान गांव का कोई भी आदमी सुभाष के दरवाजे के सामने जाने के लिए तैयार नहीं था। सुभाष को समझाने गए बालू दुबे को उसने गोली मार दी थी। इस पर सुभाष के दोस्त भाजपा नेता अंशुल दुबे व उनके साथी विकास, परम व सचिन ने पुलिस का साथ दिया और पांच घंटे तक बदमाश दंपति से बात कर उनका ध्यान भटकाया।
जब पुलिस की टीम पीछे के दरवाजे से अंदर घुसने का प्रयास कर रही थी तब अंशुल व उसके साथियों ने आगे के दरवाजे से बराबर पथराव कर शोर मचाया था। ऐसे में अगर सुभाष अंदर से फायर कर देता तो कोई भी घायल हो सकता था। इस पर आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने अंशुल की पूरी टीम को सम्मानित किया।
बच्चों को बंधक बनाए जाने के दौरान गांव का कोई भी आदमी सुभाष के दरवाजे के सामने जाने के लिए तैयार नहीं था। सुभाष को समझाने गए बालू दुबे को उसने गोली मार दी थी। इस पर सुभाष के दोस्त भाजपा नेता अंशुल दुबे व उनके साथी विकास, परम व सचिन ने पुलिस का साथ दिया और पांच घंटे तक बदमाश दंपति से बात कर उनका ध्यान भटकाया।
जब पुलिस की टीम पीछे के दरवाजे से अंदर घुसने का प्रयास कर रही थी तब अंशुल व उसके साथियों ने आगे के दरवाजे से बराबर पथराव कर शोर मचाया था। ऐसे में अगर सुभाष अंदर से फायर कर देता तो कोई भी घायल हो सकता था। इस पर आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने अंशुल की पूरी टीम को सम्मानित किया।