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आरटीपीआर लैब संचालन को आईसीएमआर की हरी झंडी, लखनऊ से भेजे गए दो चिकित्सा वैज्ञानिक
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कानपुर देहात। जिला अस्पताल में कोविड जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब जल्द ही संचालित हो सकेगी। लैब चालू करने के लिए आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च) नई दिल्ली ने हरी झंडी दे दी है। साथ ही लखनऊ से दो चिकित्सा वैज्ञानिक को भी तैनाती दी गई है।
कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जांच के लिए लोगों को एक अस्पताल से दूसरे तक की दौड़ लगानी पड़ रही थी। जिला अस्पताल अकबरपुर में भी कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगी है। जिससे एक दिन में बमुश्किल आठ से दस जांचें हो पातीं हैं।
जबकि जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक सैंपल लिए जाते हैं। आरटीपीसीआर जांच विश्वसनीय मानी जाती है। सात माह पहले डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीपीसीआर लैब खोलने का प्रस्ताव शासन में भेजा था।
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वहां से स्वीकृति मिलने के बाद जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम भवन को आरटीपीसीआर लैब के लिए चिह्नित कर कक्षों को तैयार कर लिया गया। पिछले दिनों शासन से उपकरण भी भेज दिए गए थे। लैब संचालित करने के लिए अन्य कागजी कार्रवाई की जा रही थी।
इसी कड़ी में आईसीएमआर से अनुमति मिलने पर लैब में जल्द ही कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हो सकेगी। लैब के नोडल डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि आईसीएमएस ने आरटीपीसीआर लैब संचालन की अनुमति दे दी है।
लखनऊ से चिकित्सा वैज्ञानिक अजीत चौधरी व आकांक्षा को लैब के लिए तैनाती मिली है। एक-दो दिनों में अन्य उपकरण भी आ जाएंगे। जिसके बाद जांच शुरू कर दी जाएगी।
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कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जांच के लिए लोगों को एक अस्पताल से दूसरे तक की दौड़ लगानी पड़ रही थी। जिला अस्पताल अकबरपुर में भी कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगी है। जिससे एक दिन में बमुश्किल आठ से दस जांचें हो पातीं हैं।
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जबकि जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक सैंपल लिए जाते हैं। आरटीपीसीआर जांच विश्वसनीय मानी जाती है। सात माह पहले डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीपीसीआर लैब खोलने का प्रस्ताव शासन में भेजा था।
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वहां से स्वीकृति मिलने के बाद जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम भवन को आरटीपीसीआर लैब के लिए चिह्नित कर कक्षों को तैयार कर लिया गया। पिछले दिनों शासन से उपकरण भी भेज दिए गए थे। लैब संचालित करने के लिए अन्य कागजी कार्रवाई की जा रही थी।
इसी कड़ी में आईसीएमआर से अनुमति मिलने पर लैब में जल्द ही कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हो सकेगी। लैब के नोडल डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि आईसीएमएस ने आरटीपीसीआर लैब संचालन की अनुमति दे दी है।
लखनऊ से चिकित्सा वैज्ञानिक अजीत चौधरी व आकांक्षा को लैब के लिए तैनाती मिली है। एक-दो दिनों में अन्य उपकरण भी आ जाएंगे। जिसके बाद जांच शुरू कर दी जाएगी।