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Kanpur News: हैदराबाद की कंपनी दिलाएगी जलभराव से निजात, इंटीग्रेटेड अर्बन स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने की तैयारी शुरू
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कानपुर। बारिश में जलभराव से शहरवासी परेशान हैं। इससे निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम में सुधार किया जाएगा ताकि पानी की निकासी हो सके। इसके लिए जल निगम ने इंटीग्रेटेड अर्बन स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने की तैयारी शुरू की गई है। हैदराबाद की कंपनी मेसर्स एसीपीई इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया को मास्टर प्लान बनाने के लिए चयनित किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट में 10 करोड़ खर्च होंगे।
नेशनल रिमोट सेंसिग सेंटर (इसरो) की मदद से नगर निगम पहले ही शहर में नालों-नालियों की मैपिंग करा चुका है। शहर में वर्तमान में 28 संवेदनशील ऐसे क्षेत्र हैं जहां भीषण जलभराव होता है। इस बार बारिश में जलभराव की समस्या वाले 116 स्थानों को वार्ड वार चिह्नित किया गया है। जल निगम की सीएडंडीएस इकाई के निर्देशन में कंपनी ने मास्टर प्लान बनाने के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है। कंपनी डिजाइन के साथ प्लानिंग और प्रोजेक्ट संबंधी परामर्श भी देगी। तय हुआ है कि सीवर और बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग-अलग पाइपलाइन होनी चाहिए।
नगर निगम से मांगा गया है यह ब्योरा
-नगर निगम सीमा का नक्शा।
-वर्तमान में वार्डों की आबादी।
-कानपुर नगर और आउटर में मौजूद ड्रेन की जानकारी।
-सीवरेज नेटवर्क।
-एसटीपी की संख्या और उनका स्थान।
-जलभराव से प्रभावित इलाकों की जानकारी।
-नगर निगम के नाले।
-गंगा और पांडु नदी में गिरने वाले पानी की जानकारी।
ये हैं अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्र
जूही खलवा पुल, मकड़ीखेड़ा, वीआईपी रोड, पांडुनगर, सर्वोदयनगर, शास्त्रीनगर, साकेतनगर, गोविंदनगर, नंदलाल चौराहा, चावला चौराहा, परमपुरवा, किदवईनगर, नौबस्ता, बर्रा, खाड़ेपुर आदि।
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इस बार ये स्थान किए गए चिह्नित
लक्ष्मीपुरवा, रायपुरवा, अनवरगंज, सिविल लाइंस चंद्रकांता हॉस्पिटल के पीछे, ग्रीनपार्क गेट नंबर-3 के सामने, अंबा हॉस्पिटल के सामने, चटाई मोहाल, कुलीबाजार, मोतीपुर, कुलगांव, एलेन हाउस स्कूल के पीछे, कर्रही बंबा रोड, परमट मंदिर मार्ग, अर्रा गांव, खाड़ेपुर गांव, समधी पुलिया के पास, शिव कटरा केसा के पास, कृष्णानगर ब्लॉक-9 व 11, नई सब्जी मंडी, जखईपुरवा, ओमपुरवा, टिकरियापुरवा गांव, टिकरा गांव, संजीव नगर, सजारी गांव, छतमरा सहित 116 इलाके।
जलभराव की प्रमुख वजह
-मेट्रो के निर्माण कार्य।
-सीवर लाइनें और नाले चोक होना।
-नालों-नालियों के ऊपर अतिक्रमण।
-बरसाती और सीवरेज नाला अलग-अलग न होना।
-अनियोजित विकास में तोड़ी गईं लाइनें।
हैदराबाद की कंपनी मास्टर प्लान बना रही है, इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। कंपनी को कुछ जानकारियां चाहिए थीं जिसके लिए नगर निगम, अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र भेजा गया है। -एसके वर्मा, परियोजना प्रबंधक, सीएंडडीएस, जल निगम
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नेशनल रिमोट सेंसिग सेंटर (इसरो) की मदद से नगर निगम पहले ही शहर में नालों-नालियों की मैपिंग करा चुका है। शहर में वर्तमान में 28 संवेदनशील ऐसे क्षेत्र हैं जहां भीषण जलभराव होता है। इस बार बारिश में जलभराव की समस्या वाले 116 स्थानों को वार्ड वार चिह्नित किया गया है। जल निगम की सीएडंडीएस इकाई के निर्देशन में कंपनी ने मास्टर प्लान बनाने के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है। कंपनी डिजाइन के साथ प्लानिंग और प्रोजेक्ट संबंधी परामर्श भी देगी। तय हुआ है कि सीवर और बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग-अलग पाइपलाइन होनी चाहिए।
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नगर निगम से मांगा गया है यह ब्योरा
-नगर निगम सीमा का नक्शा।
-वर्तमान में वार्डों की आबादी।
-कानपुर नगर और आउटर में मौजूद ड्रेन की जानकारी।
-सीवरेज नेटवर्क।
-एसटीपी की संख्या और उनका स्थान।
-जलभराव से प्रभावित इलाकों की जानकारी।
-नगर निगम के नाले।
-गंगा और पांडु नदी में गिरने वाले पानी की जानकारी।
ये हैं अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्र
जूही खलवा पुल, मकड़ीखेड़ा, वीआईपी रोड, पांडुनगर, सर्वोदयनगर, शास्त्रीनगर, साकेतनगर, गोविंदनगर, नंदलाल चौराहा, चावला चौराहा, परमपुरवा, किदवईनगर, नौबस्ता, बर्रा, खाड़ेपुर आदि।
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इस बार ये स्थान किए गए चिह्नित
लक्ष्मीपुरवा, रायपुरवा, अनवरगंज, सिविल लाइंस चंद्रकांता हॉस्पिटल के पीछे, ग्रीनपार्क गेट नंबर-3 के सामने, अंबा हॉस्पिटल के सामने, चटाई मोहाल, कुलीबाजार, मोतीपुर, कुलगांव, एलेन हाउस स्कूल के पीछे, कर्रही बंबा रोड, परमट मंदिर मार्ग, अर्रा गांव, खाड़ेपुर गांव, समधी पुलिया के पास, शिव कटरा केसा के पास, कृष्णानगर ब्लॉक-9 व 11, नई सब्जी मंडी, जखईपुरवा, ओमपुरवा, टिकरियापुरवा गांव, टिकरा गांव, संजीव नगर, सजारी गांव, छतमरा सहित 116 इलाके।
जलभराव की प्रमुख वजह
-मेट्रो के निर्माण कार्य।
-सीवर लाइनें और नाले चोक होना।
-नालों-नालियों के ऊपर अतिक्रमण।
-बरसाती और सीवरेज नाला अलग-अलग न होना।
-अनियोजित विकास में तोड़ी गईं लाइनें।
हैदराबाद की कंपनी मास्टर प्लान बना रही है, इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। कंपनी को कुछ जानकारियां चाहिए थीं जिसके लिए नगर निगम, अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र भेजा गया है। -एसके वर्मा, परियोजना प्रबंधक, सीएंडडीएस, जल निगम