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बुंदेलखंड राज्य के लिए पहाड़ की चोटी पर अनशन, जनता कर्फ्यू के बीच किया गया स्थान परिवर्तन
Sun, 22 Mar 2020 11:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 22 Mar 2020 11:23 PM IST
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पहाड़ की चोटी पर किया अनशन
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 634 दिन से शहर के आल्हा चौक में अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते अपना अनशन स्थल बदल कर गोरखगिरि पर्वत कर दिया।
वह सुबह से ही पहाड़ पर पहुंच गए और तेज धूप के बावजूद पूरे दिन पहाड़ की चोटी पर स्थित सिद्धबाबा स्थल में अनशन करते रहे। पहाड़ की चोटी में अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक ने बताया कि हमने अनशन स्थल बदलने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया, जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी रोकने के लिए जनता कर्फ्यू का एलान किया था।
गोरखगिरि में दिन में लोगों की आवाजाही नहीं होती इसलिए हमने यह स्थान चुना। लगभग दो हजार फीट ऊंचाई पर स्थित सिद्धबाबा में गुरुगोरखनाथ तप किया करते थे। इस स्थान पर वनवास के दौरान भगवान राम ने कुछ समय बिताया। यहां स्थित सीता रसोई उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यहां पहुंचने के लिए शिवतांडव मंदिर से डेढ़ किमी ऊपर चढ़ना पड़ता है।
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हमारा अनशन अनवरत जारी रहेगा और 23 मार्च से पुन: आल्हा चौक पर अनशन प्रारंभ होगा। अनशन स्थल पर उनके साथ ग्यासीलाल, देशराज, दिनेश खरे, प्रवीण चौरसिया, अवधेश गुप्ता, सिद्धगोपाल सेन व प्रमोद पचौरी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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वह सुबह से ही पहाड़ पर पहुंच गए और तेज धूप के बावजूद पूरे दिन पहाड़ की चोटी पर स्थित सिद्धबाबा स्थल में अनशन करते रहे। पहाड़ की चोटी में अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक ने बताया कि हमने अनशन स्थल बदलने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया, जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी रोकने के लिए जनता कर्फ्यू का एलान किया था।
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गोरखगिरि में दिन में लोगों की आवाजाही नहीं होती इसलिए हमने यह स्थान चुना। लगभग दो हजार फीट ऊंचाई पर स्थित सिद्धबाबा में गुरुगोरखनाथ तप किया करते थे। इस स्थान पर वनवास के दौरान भगवान राम ने कुछ समय बिताया। यहां स्थित सीता रसोई उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यहां पहुंचने के लिए शिवतांडव मंदिर से डेढ़ किमी ऊपर चढ़ना पड़ता है।
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हमारा अनशन अनवरत जारी रहेगा और 23 मार्च से पुन: आल्हा चौक पर अनशन प्रारंभ होगा। अनशन स्थल पर उनके साथ ग्यासीलाल, देशराज, दिनेश खरे, प्रवीण चौरसिया, अवधेश गुप्ता, सिद्धगोपाल सेन व प्रमोद पचौरी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।