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हिस्ट्रीशीटर की दबंगई, ग्राम समाज की 60 बीघा जमीन बेच डाली, 2014 में एसडीएम की गाड़ी पर किया था पथराव
Fri, 02 Oct 2020 04:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 02 Oct 2020 04:13 PM IST
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यूपी पुलिस
कानपुर के कटरी शंकरपुर सरांय के हिस्ट्रीशीटर प्रधान रामदास ने पुलिस शूटिंग रेंज की साढ़े 12 बीघा जमीन ही नहीं ग्राम समाज की 60 बीघा जमीन पर भी कब्जा किया है। सत्ताधारी नेताओं और पुलिस के संरक्षण में उसने ग्राम समाज की जमीन को तो प्लाटिंग करके बेच भी डाला।
यह प्लाटिंग उसने मिघ्घीपुरवा मजरे के पीछे की थी। प्रधानी की आड़ में रामदास ने कई काले कारनामे किए। मामला जब शासन तक पहुंचा तो उसके खिलाफ जमीन घोटाले से संबंधित पांच जांचें शुरू की गईं, लेकिन धीरे-धीरे सभी ठंडे बस्ते में डाल दी गईं। ग्रामीणों के अनुसार रामदास अपने रसूख की वजह से तीन बार प्रधान रहा।
महिला सीट आने पर अपनी पत्नी ननकी को प्रधान बनवा दिया। प्रधानी के चलते उसने कई सरकारी कालोनियां अपने रिश्तेदारों और परिचितों को आवंटित करा दी थी। यहीं नहीं बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली जमीन भी कब्जा लेता था। वर्ष 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी व एसएसपी के निर्देश पर एसडीएम जब गंगा बैराज किनारे अवैध कब्जे हटाने पहुंचे थे तो उनकी गाड़ी पर पथराव करवा दिया था। रामदास की दहशत के आगे ग्रामीण चुप रहते और वह ग्राम समाज की जमीन कब्जाने लगा। कटरी की भी सैकड़ों बीघा जमीन बेच चुका है।
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यह प्लाटिंग उसने मिघ्घीपुरवा मजरे के पीछे की थी। प्रधानी की आड़ में रामदास ने कई काले कारनामे किए। मामला जब शासन तक पहुंचा तो उसके खिलाफ जमीन घोटाले से संबंधित पांच जांचें शुरू की गईं, लेकिन धीरे-धीरे सभी ठंडे बस्ते में डाल दी गईं। ग्रामीणों के अनुसार रामदास अपने रसूख की वजह से तीन बार प्रधान रहा।
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महिला सीट आने पर अपनी पत्नी ननकी को प्रधान बनवा दिया। प्रधानी के चलते उसने कई सरकारी कालोनियां अपने रिश्तेदारों और परिचितों को आवंटित करा दी थी। यहीं नहीं बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली जमीन भी कब्जा लेता था। वर्ष 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी व एसएसपी के निर्देश पर एसडीएम जब गंगा बैराज किनारे अवैध कब्जे हटाने पहुंचे थे तो उनकी गाड़ी पर पथराव करवा दिया था। रामदास की दहशत के आगे ग्रामीण चुप रहते और वह ग्राम समाज की जमीन कब्जाने लगा। कटरी की भी सैकड़ों बीघा जमीन बेच चुका है।
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जमीन पर कई विभागों का दावा, पर सीमांकन आज तक नहीं
ग्रामीणों की मानें तो कटरी में ग्राम समाज के अलावा सिंचाई विभाग, केडीए की जमीन है। संबंधित विभाग तो इसका दावा करता है, लेकिन आज तक इसका सीमांकन नहीं किया, जिससे पता चल सके कि जमीन किसकी है। इन जमीनों पर कब्जेदारी को लेकर कई बार खूनी संघर्ष भी हुआ। सीमांकन न होने का ही रामदास और उसके गुर्गे फायदा उठाते रहे हैं।
नेताओं और कारोबारियों के फार्म हाउस तक बन गए
लोगों ने बताया कि कटरी की 70 प्रतिशत जमीनों पर कब्जा हो चुका है। सैकड़ों मकानों के अलावा नेताओं और कारोबारियों के फार्म हाउस बन चुके हैं। पूरी रात गाड़ियों का आवागमन होता रहता है।
पांच चौकियां फिर भी बेखबर रहती पुलिस
गंगा कटरी किनारे नवाबगंज, कोहना, ग्वालटोली, कोतवाली की पांच चौकियां हैं। इसके बाद भी रामदास और उसके गुर्गे न केवल जमीन कब्जाते हैं बल्कि दबंगई भी करते हैं। पुलिस सब कुछ जानकर अनजान बनी रहती है।
ग्रामीणों की मानें तो कटरी में ग्राम समाज के अलावा सिंचाई विभाग, केडीए की जमीन है। संबंधित विभाग तो इसका दावा करता है, लेकिन आज तक इसका सीमांकन नहीं किया, जिससे पता चल सके कि जमीन किसकी है। इन जमीनों पर कब्जेदारी को लेकर कई बार खूनी संघर्ष भी हुआ। सीमांकन न होने का ही रामदास और उसके गुर्गे फायदा उठाते रहे हैं।
नेताओं और कारोबारियों के फार्म हाउस तक बन गए
लोगों ने बताया कि कटरी की 70 प्रतिशत जमीनों पर कब्जा हो चुका है। सैकड़ों मकानों के अलावा नेताओं और कारोबारियों के फार्म हाउस बन चुके हैं। पूरी रात गाड़ियों का आवागमन होता रहता है।
पांच चौकियां फिर भी बेखबर रहती पुलिस
गंगा कटरी किनारे नवाबगंज, कोहना, ग्वालटोली, कोतवाली की पांच चौकियां हैं। इसके बाद भी रामदास और उसके गुर्गे न केवल जमीन कब्जाते हैं बल्कि दबंगई भी करते हैं। पुलिस सब कुछ जानकर अनजान बनी रहती है।