फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Hindi center will open in IIT Kanpur: One million dollars received, students' problems will be solved

आईआईटी कानपुर में खुलेगा हिंदी सेंटर: मिला एक मिलियन डॉलर, छात्रों की समस्याओं का किया जाएगा समाधान

Fri, 20 Aug 2021 01:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 20 Aug 2021 01:40 AM IST
सार

आईआईटी के 1976 बैच के छात्र रहे मुक्तेश पंत ने अपनी मां गौरा पंत की स्मृति में इस केंद्र की स्थापना की है। गौरा पंत को शिवानी के नाम से जाना जाता है।

विज्ञापन
Hindi center will open in IIT Kanpur: One million dollars received, students' problems will be solved
आईआईटी कानपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर हिंदी भाषी छात्रों की समस्याओं को दूर करने और व्यक्तिगत विकास में मदद करने के लिए आईआईटी कानपुर में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के पोषण और पुन: एकीकरण के लिए शिवानी केंद्र की स्थापना की जाएगी। हिंदी केंद्र की स्थापना के लिए मिकी और विनीता चैरिटेबल फंड से एक मिलियन अमरीकी डॉलर का अनुदान मिला है। 
विज्ञापन


आईआईटी के 1976 बैच के छात्र रहे मुक्तेश पंत ने अपनी मां गौरा पंत की स्मृति में इस केंद्र की स्थापना की है। गौरा पंत को शिवानी के नाम से जाना जाता है। पंत ने इससे पहले आईआईटी कानपुर में स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना में भी योगदान दिया है।
विज्ञापन


20वीं शताब्दी के सबसे लोकप्रिय हिंदी लेखकों में गौरा पंत को वर्ष 1982 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्हीं के बेटे मुक्तेश पंत ने आईआईटी कानपुर में हिंदी के केंद्र को स्थापित करने के लिए अपना योगदान दिया है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषी छात्रों की मदद करना है। उन्हें संस्थान के सामाजिक-शैक्षणिक परिवेश के साथ धीरे-धीरे एकीकृत करने की अनुमति देते हुए बहिष्कार और अलगाव की भावनाओं से बचाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी भाषी छात्रों को आती समस्या
हिंदी भाषा पर काम कर रहे आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर आरके वर्मा ने बताया कि हिंदी भाषी छात्र संस्थान में पढ़ने आते हैं तो उन्हें अंग्रेजी की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अंग्रेजी सुधारने के लिए उनकी क्लास चलती रहती है, लेकिन इस दौरान उनकी पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए हिंदी सेंटर की स्थापना की गई है। जहां पर उनको हिंदी भाषा में भी स्टडी मैटीरियल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही तकनीक को समझने में भी हिंदी भाषा मदद करेगी।

भारतीय भाषाएं शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे शिक्षा में समानता को मजबूत करती हैं। आईआईटी कानपुर ने परियोजना को शुरू करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम भी तैयार किया है।
प्रो. अभय करंदीकर, आईआईटी कानपुर के निदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed