Rakesh Sachan: कैबिनेट मंत्री की पत्नी पर स्टांप चोरी का आरोप, 13 सितंबर को होगी सुनवाई
जूही कलां में 4.59 करोड़ रुपये में व्यवसायिक भवन खरीदा था। सीमा सचान इसमें ही स्टांप चोरी में फंसीं थीं। कलेक्टर ने इस मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। एआईजी स्टांप की निरीक्षण रिपोर्ट न आने पर डीएम कोर्ट ने तारीख बढ़ाई है।
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कानपुर में 20 लाख रुपये का स्टांप कमी के आरोप में घिरीं राकेश सचान की पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा सचान के मामले में अब 13 सितंबर को सुनवाई होगी। सीमा की दोबारा स्थलीय निरीक्षण कराए जाने की अर्जी पर कलक्टर कोर्ट के आदेश के बावजूद एआईजी स्टांप अब तक व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स का निरीक्षण नहीं कर सके हैं। चूंकि रिपोर्ट के आधार पर ही स्टांप कमी पर कोर्ट फैसला कर पाएगी।
ऐसे में अब माना जा रहा है कि अगली तारीख से पहले अधिकारी रिपोर्ट दे देंगे, जिसके बाद कोर्ट मामले में फैसला करेगी। बता दें, कलक्टर कोर्ट ने 30 जुलाई को सहायक महानिरीक्षक निबंधन को आदेश दिए थे कि वह कांप्लेक्स का स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट 25 अगस्त तक उपलब्ध कराएं। आदेश के बाद कहने को तो निबंधन विभाग के अधिकारी दो बार मौका मुआयना करने भी गए लेकिन रिपोर्ट नहीं सौंप सके।
अवैध असलहा रखने के मामले में कोर्ट से सजा पा चुके कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब स्टांप चोरी के मामले में फंसी उनकी पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा सचान के मामले की फिर से जांच होने जा रही है। जिलाधिकारी कानपुर विशाख जी की कोर्ट ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन को जूही कलां में स्थित उनके नीलम कॉम्प्लेक्स का स्थलीय निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
आदेश में एआईजी को संबंधित संपत्ति का निरीक्षण कर 25 अगस्त से पहले रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। कलक्टर कोर्ट ने यह आदेश सीमा सचान की ओर से एडीएम वित्त एवं राजस्व की 2019 में की गई जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद दिए हैं। इस जांच रिपोर्ट में उन पर व्यावसायिक परिसर को खरीदने के दौरान 20.70 लाख रुपये की स्टांप कमी की बात पकड़ी गई थी।
एडीएम की जांच में हुई थी स्टांप कमी की पुष्टि
2019 में एडीएम वित्त एवं राजस्व रहे वीरेंद्र पांडेय ने 4.59 करोड़ रुपये की कीमत के भवन की स्टांप की जांच की थी। इसकी जांच आख्या में एडीएम ने कहा कि संपत्ति के निरीक्षण के दौरान पक्ष के लोग मौजूद थे। निरीक्षण के समय नीलम कांपलेक्स में अलग-अलग नाम से कई दुकानें संचालित मिलीं।
बेसमेंट पर 187.62 वर्गमीटर, भूतल 291.10 वर्गमीटर, प्रथम व द्वितीय तल पर 251.15-251.15 वर्गमीटर का निर्माण मौजूद था। निर्माण 20 साल पुराना है और पूरी तरह से व्यावसायिक है। ऐसे में प्रतिवादी ने जानबूझकर भारतीय स्टांप अधिनियिम 27 का उल्लंघन किया है।
राकेश सचान हैं जमीन खरीद में गवाह
केशव नगर निवासी नीलम श्रीवास्तव से जिस जमीन को सीमा सचान ने खरीदा था उस जमीन की खरीद के दस्तावेजों में मंत्री राकेश सचान का नाम गवाह के तौर पर रजिस्ट्री में दर्ज है। दूसरे गवाह के तौर पर अधिवक्ता अमित गुप्त का नाम दर्ज था जिन्होंने रजिस्ट्री को ड्राफ्ट और कंप्यूटर टाइप कराया था।