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राष्ट्रपति भवन में अपने कोविंद से की मुलाकात, मांगा परौंख क्षेत्र का विकास
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राष्ट्रपति से मुलाकात करते परौंख के ग्रामीण। फाइल फोटो (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। परौंख गांव में झलकारी बाई राजकीय इंटर कॉलेज को महाविद्यालय बनाने की मांग ग्रामवासियों ने राष्ट्रपति से मिलकर की है। गढ़िया-परौंख के बीच सेंगुर नदी में पुल निर्माण व औद्योगिक क्षेत्र विकास की मांग भी रखी। परौंख के लोगों की मांग पर राष्ट्रपति के निजी सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव परौंख है। राष्ट्रपति के मित्र सेवानिवृत्त शिक्षक राज किशोर सिंह गौर, विजय पाल सिंह, प्रधान संग्राम सिंह, पंकज श्रीवास्तव आदि 15 लोग 17 अक्तूबर को परौंख गांव से दिल्ली में राष्ट्रपति भवन गए थे। वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सभी ने मुलाकात की।
इस दौरान राज किशोर सिंह गौर ने परौंख में झलकारी बाई राजकीय इंटर कॉलेज को राजकीय महाविद्यालय बनाने और गढ़िया-परौंख के मध्य सेंगुर नदी पर पुल निर्माण के साथ परौंख से डेरापुर तक सेंगुर नदी के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकास की मांग की। कहा कि औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन होगा और इसका फायदा युवाओं को मिलेगा।
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वहीं गांव में महाविद्यालय बनने पर बालिका शिक्षा को पंख लगेंगे। परौंख व आसपास के गांवों की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अभी उच्च शिक्षा के लिए मंगलपुर, झींझक या फिर डेरापुर तक भाग दौड़ होती है। परौंख वासियों की मांगों पर राष्ट्रपति ने विचार का भरोसा दिया था।
इसी क्रम में राष्ट्रपति के निजी सचिव प्रवीण सिद्धार्थ ने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव को कानपुर देहात के अति पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए पत्र लिखा है। बता दें कि राष्ट्रपति ने राजकीय इंटर कॉलेज के लिए झलकारी बाई इंटर कॉलेज प्रदेश सरकार को दान दे दिया था। अब इसी राजकीय इंटर कॉलेज को महाविद्यालय बनाने की मांग उठ रही है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव परौंख है। राष्ट्रपति के मित्र सेवानिवृत्त शिक्षक राज किशोर सिंह गौर, विजय पाल सिंह, प्रधान संग्राम सिंह, पंकज श्रीवास्तव आदि 15 लोग 17 अक्तूबर को परौंख गांव से दिल्ली में राष्ट्रपति भवन गए थे। वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सभी ने मुलाकात की।
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इस दौरान राज किशोर सिंह गौर ने परौंख में झलकारी बाई राजकीय इंटर कॉलेज को राजकीय महाविद्यालय बनाने और गढ़िया-परौंख के मध्य सेंगुर नदी पर पुल निर्माण के साथ परौंख से डेरापुर तक सेंगुर नदी के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकास की मांग की। कहा कि औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन होगा और इसका फायदा युवाओं को मिलेगा।
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वहीं गांव में महाविद्यालय बनने पर बालिका शिक्षा को पंख लगेंगे। परौंख व आसपास के गांवों की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अभी उच्च शिक्षा के लिए मंगलपुर, झींझक या फिर डेरापुर तक भाग दौड़ होती है। परौंख वासियों की मांगों पर राष्ट्रपति ने विचार का भरोसा दिया था।
इसी क्रम में राष्ट्रपति के निजी सचिव प्रवीण सिद्धार्थ ने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव को कानपुर देहात के अति पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए पत्र लिखा है। बता दें कि राष्ट्रपति ने राजकीय इंटर कॉलेज के लिए झलकारी बाई इंटर कॉलेज प्रदेश सरकार को दान दे दिया था। अब इसी राजकीय इंटर कॉलेज को महाविद्यालय बनाने की मांग उठ रही है।