{"_id":"6249338eef477a22fe47f063","slug":"hbtu-kanpur-will-signed-agreement-with-academy-of-universal-global-peace-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचबीटीयू: यूएसए की एकेडमी साथ मिलकर शोध करेंगे हरकोर्टिंयस, एआई और क्रिप्टोकरेंसी जैसे सेक्टर्स पर रहेगा फोकस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचबीटीयू: यूएसए की एकेडमी साथ मिलकर शोध करेंगे हरकोर्टिंयस, एआई और क्रिप्टोकरेंसी जैसे सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
Sun, 03 Apr 2022 11:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:15 AM IST
सार
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रमुख क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसी के तहत हरकोर्टिंयस ने यूएसए की एकेडमी के साथ मिलकर तेजी से बढ़ते हुए सेक्टर्स में शोध करेंगे। इनमें ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा समेत तमाम सेक्टर शामिल हैं।
विज्ञापन
एचबीटीयू
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सुरक्षा समेत तमाम विषयों में और अधिक विकास करने की तैयारी है। इसके लिए एचबीटीयू, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के द्वारा यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका की एयूपी एकेडमी ऑफ यूनिवर्सल ग्लोबल पीस से करार करेगी। अप्रैल में करार होने की संभावना है।
विज्ञापन
रजिस्टार प्रो. नीरज कुमार सिंह ने बताया कि करार के बाद यहां के छात्र स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूएसए पढ़ाई करने जाएंगे। वहां के छात्र एचबीटीयू भी आ सकते हैं। दोनों संस्थाओं के विशेषज्ञ ऑनलाइन क्लास संचालित करेंगे। कोशिश है कि एचबीटीयू के छात्रों को एयूजीपी से कोर्स करने के बाद प्रमाणपत्र दिलाया जा सके ताकि नौकरी के समय उनको इस कोर्स का फायदा मिल सके। उन्होंने बताया कि एयूजीपी के चेयरमैन रूस यूक्रेन के बीच मध्यस्थता कराने के लिए नाटो की बैठक में हिस्सा लेने जा रहे हैं, इस कारण करार में देरी हो रही है।
विज्ञापन
क्या है एयूजीपी
एयूजीपी बीते चार दशकों से 120 देशों में अपने सेंटर चलाता है। यहां पर उन देशों के राजनीतिक दलों के लोग वैश्विक शांति अध्ययन और शांति निर्माण के प्रयास, जुड़ाव आदि का पाठ पढ़ते हैं। शिक्षाविदों की टीम में प्रख्यात वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, न्यायाधीश शामिल हैं।
विज्ञापन