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यूपी: हरदोई में गर्भवती को नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर लेकर पहुंचे अस्पताल, गर्भ में बच्चे की मौत
Fri, 24 Jul 2020 08:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 24 Jul 2020 08:49 PM IST
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ठेसे से अस्पताल पहुंची प्रसूता
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के हरदोई में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था ने एक परिवार की खुशिया छीन ली। घर में किलकारियां गूंजने से पहले ही मौत का मातम छा गया। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के मोहल्ला रामनगर निवासी गर्भवती महिला को गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचने के लिए एंबुलेंस ही नहीं मिली।
परिजन उसे ठेलिया से लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई। पाली कस्बे के मोहल्ला रामनगर निवासी नीलम देवी की पुत्री विभा (30) पत्नी बबलू ससुराल शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद में है। विभा गर्भवती थी और मायके में रह रही थी।
नीलम ने बताया कि गुरुवार रात एक बजे के बाद विभा को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने 102 और 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। कई बार फोन मिलाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजन ठेलिया से विभा को लेकर पाली सीएचसी पहुंचे।
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स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक ने उसका उपचार शुरू किया। शुक्रवार दोपहर बाद महिला चिकित्सकों ने गर्भ में ही बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आनंद शुक्ला ने बताया कि महिला के अस्पताल आते ही इलाज शुरू किया गया था। एंबुलेंस का संचालन लखनऊ कंट्रोल रूम से होता है।
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परिजन उसे ठेलिया से लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई। पाली कस्बे के मोहल्ला रामनगर निवासी नीलम देवी की पुत्री विभा (30) पत्नी बबलू ससुराल शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद में है। विभा गर्भवती थी और मायके में रह रही थी।
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नीलम ने बताया कि गुरुवार रात एक बजे के बाद विभा को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने 102 और 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। कई बार फोन मिलाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजन ठेलिया से विभा को लेकर पाली सीएचसी पहुंचे।
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स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक ने उसका उपचार शुरू किया। शुक्रवार दोपहर बाद महिला चिकित्सकों ने गर्भ में ही बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आनंद शुक्ला ने बताया कि महिला के अस्पताल आते ही इलाज शुरू किया गया था। एंबुलेंस का संचालन लखनऊ कंट्रोल रूम से होता है।