{"_id":"5edfb20079714932350f2a02","slug":"hardoi-missing-two-months-ago-father-met-daughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में लापता हुई बेटी से मिला पिता, रोते हुए लगा लिया गले, जानिए क्या है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में लापता हुई बेटी से मिला पिता, रोते हुए लगा लिया गले, जानिए क्या है पूरा मामला
Tue, 09 Jun 2020 09:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 09 Jun 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के हरदोई में लॉकडाउन में परिवार से बिछड़ी कानपुर की किशोरी को मिशन आत्मसंतुष्टि ने परिजनों से मिला दिया। बेटी को सामने देख भावुक पिता ने उसे गले से लगा लिया। किशोरी 29 मार्च को कानपुर के घुमनी बाजार से भटककर किसी प्रकार हरदोई पहुंच गई थी।
मिशन आत्मसंतुष्टि के राष्ट्रीय संयोजक राजवर्धन सिंह राजू ने बताया कि महिला थाने को एक किशोरी 31 मार्च को मिली थी। महिला थाने की पुलिस ने उसी दिन इसको धर्मशाला रोड पर नटवीर पुलिया स्थित आत्म संतुष्टि मिशन के कार्यालय पर पहुंचा दिया था।
तब से वह मिशन के पुनर्वास केंद्र पर सुरक्षित रह रही थी। केंद्र पर उसको चिकित्सीय परामर्श, मेडिटेशन और काउंसलिंग के जरिये स्वास्थ्य लाभ दिया गया। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसने परिवार से मिलने की इच्छा जताई। उसने बताया कि वह कानपुर के घुमनी बाजार की रहने वाली है।
विज्ञापन
उसने अपना नाम कंचन व पिता का नाम सुरेश चंद्र जायसवाल बताया। राजू ने बताया कि परिजनों को सूचना दी गई। उनके आने के बाद परिजनों ने पहले अपनी बेटी को गले लगाया फिर बताया कि बेटी कंचन जायसवाल 29 मार्च को घर से कहीं लापता हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बाद इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने मिशन आत्मसंतुष्टि का आभार जताया।
विज्ञापन
मिशन आत्मसंतुष्टि के राष्ट्रीय संयोजक राजवर्धन सिंह राजू ने बताया कि महिला थाने को एक किशोरी 31 मार्च को मिली थी। महिला थाने की पुलिस ने उसी दिन इसको धर्मशाला रोड पर नटवीर पुलिया स्थित आत्म संतुष्टि मिशन के कार्यालय पर पहुंचा दिया था।
विज्ञापन
तब से वह मिशन के पुनर्वास केंद्र पर सुरक्षित रह रही थी। केंद्र पर उसको चिकित्सीय परामर्श, मेडिटेशन और काउंसलिंग के जरिये स्वास्थ्य लाभ दिया गया। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसने परिवार से मिलने की इच्छा जताई। उसने बताया कि वह कानपुर के घुमनी बाजार की रहने वाली है।
विज्ञापन
उसने अपना नाम कंचन व पिता का नाम सुरेश चंद्र जायसवाल बताया। राजू ने बताया कि परिजनों को सूचना दी गई। उनके आने के बाद परिजनों ने पहले अपनी बेटी को गले लगाया फिर बताया कि बेटी कंचन जायसवाल 29 मार्च को घर से कहीं लापता हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बाद इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने मिशन आत्मसंतुष्टि का आभार जताया।