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हमीरपुर: पुलिस पर हमलावर हुईं महिलाएं, मची भगदड़, दो घंटे जाम रखी रोड, पढ़ें पूरा मामला
Wed, 08 Dec 2021 05:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 08 Dec 2021 05:53 PM IST
सार
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम के भाई भूपेंद्र की संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने के बाद 19 जुलाई को कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। बिसरा जांच के लिए भेजा गया था। नीलम ने कुछ लोगों के खिलाफ भाई को जहर खिलाकर मारने की तहरीर पुलिस को दी थी।
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शहर के कांशीराम कालोनी के निकट जाम के दौरान अपने सिर पर पत्थर मारती पीड़ित महिला को समझाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हमीरपुर जिले में प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने के दौरान महिलाओं ने पुलिस पर लाठी-डंडों व ईंटों से हमला कर दिया। जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। और भगदड़ मच गई। महिलाएं पुलिस पर राजनीतिक दबाव के कारण सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगा रहीं थी।
इस दौरान दो घंटे जाम लगा रहा। कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम ने कुछ महिलाओं के साथ बुधवार को सुबह 11.30 बजे लक्ष्मीबाई तिराहा के पास कालपी रोड पर जाम लगा दिया। वह पुलिस पर भाई की हत्या में नामजद रतिया, उनका पुत्र भोला, बहू लीला, बैजनाथ, पप्पू उनकी पत्नी संतो, सुनील उर्फ नीलू, व रनिया की गिरफ्तारी की मांग कर रहीं थीं।
आरोप है कि नौ सितंबर को कोर्ट के आदेश पर पत्योरा निवासी छह लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस उन लोगों का बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। इधर जाम की सूचना पर सीओ विवेक यादव, कोतवाल भरत कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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करीब दो घंटे के बाद भी जब महिलाएं सड़क से हटने को राजी नहीं हुईं तो पुलिस ने उठाने का प्रयास किया। इस पर महिलाएं लाठी, डंडे और ईंट लेकर पुलिस पर हमलावर हो गईं, इससे भगदड़ मच गई। पुलिस के दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर दोपहर डेढ़ बजे महिलाएं रोड से हटीं।
यह है मामला
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम के भाई भूपेंद्र की संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने के बाद 19 जुलाई को कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। बिसरा जांच के लिए भेजा गया था। नीलम ने कुछ लोगों के खिलाफ भाई को जहर खिलाकर मारने की तहरीर पुलिस को दी थी।
पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो अदालत ने छह सितंबर को केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं किया। कोर्ट से रिमाइंडर आने के बाद 18 सितंबर को पुलिस ने पत्योरा निवासी आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद मृतक की बहन व पत्नी का बयान भी दर्ज कर चुकी है, लेकिन मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
कोतवाल भरत कुमार ने कहा कि अदालत के आदेश पर आरोपी पक्ष के एक ही परिवार के आठ लोगों के खिलाफ जहर खिलाकर हत्या करने का मामला दर्ज किया था। कहा सभी तो आरोपी नहीं हो सकते। मामले की जांच जारी है। इस घटना में जो भी आरोपी सामने आएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान दो घंटे जाम लगा रहा। कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम ने कुछ महिलाओं के साथ बुधवार को सुबह 11.30 बजे लक्ष्मीबाई तिराहा के पास कालपी रोड पर जाम लगा दिया। वह पुलिस पर भाई की हत्या में नामजद रतिया, उनका पुत्र भोला, बहू लीला, बैजनाथ, पप्पू उनकी पत्नी संतो, सुनील उर्फ नीलू, व रनिया की गिरफ्तारी की मांग कर रहीं थीं।
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आरोप है कि नौ सितंबर को कोर्ट के आदेश पर पत्योरा निवासी छह लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस उन लोगों का बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। इधर जाम की सूचना पर सीओ विवेक यादव, कोतवाल भरत कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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करीब दो घंटे के बाद भी जब महिलाएं सड़क से हटने को राजी नहीं हुईं तो पुलिस ने उठाने का प्रयास किया। इस पर महिलाएं लाठी, डंडे और ईंट लेकर पुलिस पर हमलावर हो गईं, इससे भगदड़ मच गई। पुलिस के दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर दोपहर डेढ़ बजे महिलाएं रोड से हटीं।
यह है मामला
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम के भाई भूपेंद्र की संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने के बाद 19 जुलाई को कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। बिसरा जांच के लिए भेजा गया था। नीलम ने कुछ लोगों के खिलाफ भाई को जहर खिलाकर मारने की तहरीर पुलिस को दी थी।
पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो अदालत ने छह सितंबर को केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं किया। कोर्ट से रिमाइंडर आने के बाद 18 सितंबर को पुलिस ने पत्योरा निवासी आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद मृतक की बहन व पत्नी का बयान भी दर्ज कर चुकी है, लेकिन मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
कोतवाल भरत कुमार ने कहा कि अदालत के आदेश पर आरोपी पक्ष के एक ही परिवार के आठ लोगों के खिलाफ जहर खिलाकर हत्या करने का मामला दर्ज किया था। कहा सभी तो आरोपी नहीं हो सकते। मामले की जांच जारी है। इस घटना में जो भी आरोपी सामने आएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।