Hamirpur: महिला जज से छेड़खानी के दोषी अधिवक्ता को चार वर्ष की कैद, सीजेएम कोर्ट में सुनाई गई सजा
यूपी के हमीरपुर जिले में महिला जज से छेड़छाड़ के मामले में दोषी अधिवक्ता को सीजेएम कोर्ट ने चार वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया।
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हमीरपुर जिले में तैनात रहीं एक महिला जज से छेड़छाड़ के दोषी अधिवक्ता को अदालत ने चार वर्ष का कारावास व साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने सजा पर फैसला सुनाया। वादी पक्ष के अधिवक्ता प्राणेश सिंह व अभियोजन अधिकारी पवन बाजपेयी ने बताया कि जिले में तैनात रहीं एक महिला जज ने 19 अगस्त 2022 को सदर कोतवाली में अधिवक्ता मोहम्मद हारून के खिलाफ छेड़खानी, भद्दे इशारे करने व पीछा करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़िता ने बताया कि मोहम्मद हारून ने 18 से 24 जुलाई 2022 तक न्यायालय कक्ष से निकलने के दौरान दो बार अभद्रता की। वहीं कोर्ट में घंटों बैठकर परेशान करता रहा। 25 जुलाई की शाम यमुना पाथ-वे पर टहलने के दौरान उसने अपशब्दों का इस्तेमाल किया। बताया कि चेतावनी के बाद भी वह मिलने पर गलत इशारे और उनका पीछा करता। साथ ही उनसे संपर्क करने की कोशिश करता रहा।
मामले में पुलिस ने छेड़खानी, भद्दे इशारे करने, पीछा करने व लज्जा का अनादर करने के लिए अपशब्द बोलने का मुकदमा दर्ज किया था। इस पर सुनवाई करते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन आयुषी चतुर्वेदी ने उक्त सभी आरोपों में मोहम्मद हारून को दोषी माना। तीन वर्ष से अधिक सजा होने के कारण धारा 325 के तहत पत्रावली सीजेएम को भेज दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार शासन ने दोषी को चार वर्ष कारावास की सजा के साथ साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया।