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महिलाओंं की अकेले हज यात्रा पर जायरीन खफा, जानें क्या है मामला

Thu, 12 Oct 2017 08:46 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 12 Oct 2017 08:46 AM IST
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Haj Jairin cracks on Haj pilgrims alone
डेमो पिक
हज जायरीनों ने नई हज नीति पर नाराजगी जताई है। हज का प्रशिक्षण देने से लेकर हज यात्रा कराने में सहयोग देने वाली तंजीम खुद्दाम आजमीन हज का कहना है कि महिला को बिना महरम के अकेले हज यात्रा करने की अनुमति देना गैर शरई फैसला है। इस फैसले को लेने से पहले उलेमा से राय-मशविरा नहीं लिया गया है। इस मामले पर तंजीम सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी।
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Haj Jairin cracks on Haj pilgrims alone
डेमो पिक
तंजीम खुद्दाम आजमीन हज के अध्यक्ष हाजी नईमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि नई हज नीति के नाम पर हज जायरीनों को परेशान करना है। नई नीति में सुविधाओं में कटौती की गई है। सब्सिडी बंद करने की मांग तो बहुत पहले से ही मुस्लिम संगठन कर रहे हैं, इसलिए उसमें कोई आपत्ति नहीं है। हज जायरीनों की सुविधाओं को कम करना गलत है। मसलन, अभी तक देश में 21 स्थानों से हज यात्री सऊदी अरब हज करने जा सकते थे। अब इसे घटाकर नौ स्थानों से उड़ान भरने को कहा गया है। सिर्फ यूपी में ही हज यात्री लखनऊ, बनारस और गाजियाबाद से हज करने जाते हैं। इससे इन शहरों के आसपास के हज यात्रियों को आसानी होती है।

 

 

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Haj Jairin cracks on Haj pilgrims alone
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नई नीति में ये हैं प्रावधान

अब महिलाएं अकेले हज यात्रा कर सकेंगी। अभी तक महरम (परिवार के जिन व्यक्तियों से पर्दा न हो मसलन पति, भाई, पिता, बेटा आदि) के साथ ही महिलाएं हज पर जा सकती थीं। 70 साल के बुजुर्ग हज जायरीनों का लाटरी में नाम न आने पर भी चयनित कर लिए जाते थे। अब यह व्यवस्था खत्म हो गई।

 

 

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Haj Jairin cracks on Haj pilgrims alone
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ग्लोबल टेंडर कराने पर हवाई जहाज का किराया कम हो जाता था, लेकिन इस बार निर्णय नहीं लिया गया है। पानी के जहाज से सस्ता हज कराने का वादा किया जा रहा है लेकिन अब देश आगे बढ़ चुका है। अब कोई पानी के जहाज को पसंद नहीं करेगा। हज के दौरान जानवरों की कुर्बानी कराने का कूपन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले सरकारी व्यवस्था से नहीं बल्कि लोग स्वयं चाहें तो भी कुर्बानी करा सकते थे।

 
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