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Hair Transplant: अमानक क्लीनिक में अवैध तरीके से हो रहा था हेयर ट्रांसप्लांट, तीन सदस्यीय कमेटी कर रही जांच

Sun, 18 May 2025 02:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 18 May 2025 02:44 PM IST
सार

क्लीनिक के नवीनीकरण का आवेदन निरस्त हुआ था। फिर भी क्लीनिक संचालित होता रहा। डॉ. अनुष्का पति के नाम पर पंजीकृत क्लीनिक का अनाधिकारिक इस्तेमाल कर रहीं थीं।

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Hair transplant was being done illegally in a non-standard clinic
इसी क्लिनिक पर हुआ हेयर ट्रांसप्लांट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केशवपुरम के इंपायर क्लीनिक में अवैध तरीके से हेयर ट्रांसप्लांट किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने अमानक होने पर क्लीनिक के पंजीयन के नवीनीकरण का आवेदन निरस्त कर दिया था। नोटिस भी जारी हुई थी, इसके बावजूद ट्रांसप्लांट किए गए। इसी के चलते इंजीनियर विनीत दुबे और मयंक कटियार अपनी जान गवां बैठे। क्लीनिक का पंजीकरण डॉ. अनुष्का तिवारी के पति डॉ. सौरभ तिवारी नाम पर है। वह बीडीएस हैं, बीडीएस डिग्रीधारी डॉक्टर हेयर ट्रांसप्लांट नहीं कर सकते हैं। पंजीकरण अभिलेख में भी डॉ. अनुष्का तिवारी का नाम नहीं है। पुलिस रोहतक विश्वविद्यालय से डॉ. अनुष्का की डिग्री की जांच करा रही है।
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इंपायर क्लीनिक का पंजीयन पहली बार 2020-21 में हुआ। नवीनीकरण 2023-24 में किया गया। पंजीयन डॉ. सौरभ तिवारी के नाम पर था। इसमें कोई पैनल या दूसरे डॉक्टर का नाम नहीं था। डॉ. सौरभ ने 2024-25 में पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, लेकिन मानक पूरे न होने पर इसे निरस्त कर दिया गया। एसीएमओ (नर्सिंगहोम) डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि बीडीएस डॉक्टर ट्रांसप्लांट नहीं कर सकता है। लाइसेंस पर डॉ. अनुष्का का नाम नहीं है। क्लीनिक का अनाधिकारिक इस्तेमाल किया गया। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
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Hair transplant was being done illegally in a non-standard clinic
हेयर ट्रांसप्लांट (फाइल फोटो) - फोटो : adobe stock
हेयर ट्रांसप्लांट के नाम पर कोई क्लीनिक पंजीकृत नहीं
डॉ. रस्तोगी ने बताया कि जिस स्पेशियलिटी के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है, डॉक्टर उसी से संबंधित इलाज कर सकता है। हेयर ट्रांसप्लांट प्लास्टिक सर्जन, डर्मिटोलोडिस्ट, एमडीएस डिग्री वाले मैक्सिलो फेशियल सर्जन कर सकते हैं, लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर के नाम पर विभाग में कोई क्लीनिक पंजीकृत नहीं है।

 
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Hair transplant was being done illegally in a non-standard clinic
डॉ. अनुष्का तिवारी - फोटो : अमर उजाला
तीन सदस्यीय कमेटी कर रही मामले की जांच
इंजीनियरों की मौत के मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी कर रही है, जिसका गठन एसीएमओ (मेडिकल बोर्ड) डॉ. आरके गुप्ता की अगुवाई में हुआ है। उर्सला के सीनियर फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र तिवारी और डर्मिटोलॉजिस्ट डॉ. रत्नेश प्रभाकर भी शामिल हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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