{"_id":"68c884abc01833ed0102d25f","slug":"government-team-reached-csjmu-to-investigate-complaints-saw-documents-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1267657-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: शिकायतों की जांच करने सीएसजेएमयू पहुंची शासन की टीम, देखे दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: शिकायतों की जांच करने सीएसजेएमयू पहुंची शासन की टीम, देखे दस्तावेज
विज्ञापन
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में कर्मचारियों की नियुक्ति और मानदेय/पारिश्रमिक भुगतान संबंधी शिकायतों की जांच के लिए सोमवार को शासन की टीम कैंपस पहुंची। राजा महेंद्र प्रताप विवि अलीगढ़ के कुलपति प्रो. एनबी सिंह के नेतृत्व में टीम ने कुलसचिव और वित्त अधिकारी से पूछताछ कर दस्तावेज मांगे।
समिति ने साक्ष्य दर्ज किए और कुछ प्रतियां अपने साथ ले गई। टीम ने बताया कि वह 24 सितंबर को दोबारा जांच करने आएगी। इधर, अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन पर डटे रहे।
कुलसचिव राकेश कुमार ने धरना समाप्त करने की अपील करते हुए जांच टीम को सहयोग करने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले धरने के बाद कर्मचारियों ने टीम को सहयोग देने के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
कर्मचारी संगठन के महामंत्री अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि जांच समिति से उनकी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सभी नियुक्तियां नियमों के अनुसार हुई हैं कर्मचारी टाइपिंग टेस्ट पास कर चुके हैं और मानदेय/पारिश्रमिक का भुगतान भी विश्वविद्यालय की कार्य परिषद और वित्त समिति की मंजूरी से किया गया है। (ब्यूरो)
विज्ञापन
समिति ने साक्ष्य दर्ज किए और कुछ प्रतियां अपने साथ ले गई। टीम ने बताया कि वह 24 सितंबर को दोबारा जांच करने आएगी। इधर, अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन पर डटे रहे।
विज्ञापन
कुलसचिव राकेश कुमार ने धरना समाप्त करने की अपील करते हुए जांच टीम को सहयोग करने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले धरने के बाद कर्मचारियों ने टीम को सहयोग देने के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
कर्मचारी संगठन के महामंत्री अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि जांच समिति से उनकी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सभी नियुक्तियां नियमों के अनुसार हुई हैं कर्मचारी टाइपिंग टेस्ट पास कर चुके हैं और मानदेय/पारिश्रमिक का भुगतान भी विश्वविद्यालय की कार्य परिषद और वित्त समिति की मंजूरी से किया गया है। (ब्यूरो)