युवती ने महिला सिपाहियों को दिया चकमा, खिड़की का शीशा तोड़ हुई गायब
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विशुनगढ़ थानाक्षेत्र के गांव भौराजपुर में रहने वाले एक युवक का पड़ोस की युवती के साथ प्रेम प्रसंग चलता था। युवती के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने युवती को सौरिख थानाक्षेत्र के गांव नगला मख में रहने वाले मामा के घर भेज दिया। 12 जनवरी को युवती प्रेमिका को उसके मामा के घर से हरियाणा लेकर चला गया। इस दौरान युवती की उम्र 17 वर्ष आठ माह थी। इस पर युवती के पिता ने आरोपी युवक के खिलाफ बेटी को गुमराह कर ले जाने का मुकदमा सौरिख थाने में दर्ज कराया था। 18 साल पूरा करने के बाद युवक-युवती हरियाणा से आकर छिबरामऊ में एक किराए के मकान में रहने लगे।
बुधवार को सौरिख थाना प्रभारी राजकुमार ने दोनों को पकड़ लिया। युवक को जेल भेजने के बाद बुधवार को युवती के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए महिला आरक्षी प्रीती को आशा ज्योति केंद्र पुलिस चौकी में ठहरने के लिए भेजा था। चौकी प्रभारी कंचन लता अवकाश पर थीं। महिला आरक्षी प्रीती और मनोरमा की बुधवार रात ड्यूटी थी। रात करीब चार बजे युवती सिपाहियों को चकमा देकर बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। यहां खिड़की का शीशा तोड़कर वह भाग गई। सुबह चौकी से युवती को गायब देखकर सिपाहियों के होश उड़ गए। शौचालय का दरवाजा बंद होने पर उसे तोड़कर जब सिपाहियों ने खिड़की का टूटा शीशा देखा तो जानकारी सेंटर मैनेजर सुप्रिया पांडेय को दी। एसपी किरीट कुमार राठोड़ ने चौकी पहुंच कर जायजा लिया। बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है। लापरवाह महिला सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मेन गेट अंदर से बंद कर कमरों में सो रही थीं सिपाही
जिले के थानों से अभिरक्षा में आने वाली महिलाओं को आशा ज्योति केंद्र में तैनात स्टाफ उनका बिस्तर परिसर में जमीन पर लगा देती है। इसके बाद केंद्र के मुख्य गेट में अंदर से ताला लगाकर कमरों में सोेने चली जाती हैं। इसी का फायदा उठाकर युवती भाग गई। सुबह तक किसी को भी इसकी जानकारी नहीं मिली। अगर महिला आरक्षी जाग रही होतीं तो तुरंत मुख्य गेट का दरवाजा खोल कर युवती को अभिरक्षा में लिया जा सकता था।