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गेट: कानपुर के आयुष त्रिपाठी को टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में देश में दूसरी रैंक मिली
Sat, 14 Mar 2020 06:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 14 Mar 2020 06:01 PM IST
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शहर टॉपर आयुष त्रिपाठी को मिठाई खिलाते बाएं से पिता हनुमान प्रसाद त्रिपाठी, बाबा रमेश प्रसाद त्रिपाठी और दादी शकुन्तला देवी ।
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट)-2020 का रिजल्ट शुक्रवार देर शाम घोषित कर दिया गया। इसमें कानपुर के उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) के छात्र-छात्राओं की मेधा की चमक देखने को मिली। गेट में एचबीटीयू और एआईटीएच समेत शहर के कई संस्थानों के विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
इस बार गेट आईआईटी दिल्ली ने आयोजित कराया था। जिसमें 6.8 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया था। इनमें से कुल 18.8 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है। गेट पास करने के बाद छात्र आईआईटी, आईआईएफसी, एनआईटी समेत देश केशीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक कोर्स में दाखिला पा सकेंगे।
आईआईटी में पढ़ने का सपना पूरा होगा
गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया दूसरी रैंक पाने वाले यशोदा नगर में रहने वाले आयुष त्रिपाठी का कहना है कि बीटेक में आईआईटी में दाखिला नहीं मिल पाया था, तभी यह तय कर लिया था कि एमटेक तो आईआईटी से ही करना है। आयुष यूपीटीटीआई में बीटेक (टेक्सटाइल केमिकल) चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। आयुष अपनी सफलता का श्रेय पिता हनुमान त्रिपाठी और मां योजना द्वितीय को देते हैं। पिता हनुमान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। आयुष आईआईटी बांबे या आईआईएफसी बंगलूरू से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ब्रांच से एमटेक करना चाहते हैं।
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इस बार गेट आईआईटी दिल्ली ने आयोजित कराया था। जिसमें 6.8 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया था। इनमें से कुल 18.8 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है। गेट पास करने के बाद छात्र आईआईटी, आईआईएफसी, एनआईटी समेत देश केशीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक कोर्स में दाखिला पा सकेंगे।
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आईआईटी में पढ़ने का सपना पूरा होगा
गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया दूसरी रैंक पाने वाले यशोदा नगर में रहने वाले आयुष त्रिपाठी का कहना है कि बीटेक में आईआईटी में दाखिला नहीं मिल पाया था, तभी यह तय कर लिया था कि एमटेक तो आईआईटी से ही करना है। आयुष यूपीटीटीआई में बीटेक (टेक्सटाइल केमिकल) चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। आयुष अपनी सफलता का श्रेय पिता हनुमान त्रिपाठी और मां योजना द्वितीय को देते हैं। पिता हनुमान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। आयुष आईआईटी बांबे या आईआईएफसी बंगलूरू से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ब्रांच से एमटेक करना चाहते हैं।
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देश के लिए रिसर्च करना उद्देश्य
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विषय में गेट में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक पाने वाली फ र्रुखाबाद रेलवे रोड की रहने वाली प्रिया राठौर ने यूपीटीटीआई से बीटेक किया है। प्रिया केपिता प्राणवीर सिंह राठौर सेना से रिटायर्ड हैं । प्रिया वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक की छात्रा हैं। वह आईआईटी से पीएचडी करके देश केलिए रिसर्च करना चाहती हैं । वह अपनी सफलता का श्रेय पिता को देती हैं ।
आईआईटी में पढ़ने का सपना पूरा होगा
गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया दूसरी रैंक पाने वाले यशोदा नगर में रहने वाले आयुष त्रिपाठी का कहना है कि बीटेक में आईआईटी में दाखिला नहीं मिल पाया था, तभी यह तय कर लिया था कि एमटेक तो आईआईटी से ही करना है।
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विषय में गेट में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक पाने वाली फ र्रुखाबाद रेलवे रोड की रहने वाली प्रिया राठौर ने यूपीटीटीआई से बीटेक किया है। प्रिया केपिता प्राणवीर सिंह राठौर सेना से रिटायर्ड हैं । प्रिया वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक की छात्रा हैं। वह आईआईटी से पीएचडी करके देश केलिए रिसर्च करना चाहती हैं । वह अपनी सफलता का श्रेय पिता को देती हैं ।
आईआईटी में पढ़ने का सपना पूरा होगा
गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया दूसरी रैंक पाने वाले यशोदा नगर में रहने वाले आयुष त्रिपाठी का कहना है कि बीटेक में आईआईटी में दाखिला नहीं मिल पाया था, तभी यह तय कर लिया था कि एमटेक तो आईआईटी से ही करना है।
आयुष यूपीटीटीआई में बीटेक (टेक्सटाइल केमिकल) चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। आयुष अपनी सफलता का श्रेय पिता हनुमान त्रिपाठी और मां योजना द्वितीय को देते हैं। पिता हनुमान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। आयुष आईआईटी बांबे या आईआईएफसी बंगलूरू से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ब्रांच से एमटेक करना चाहते हैं।
देश के लिए रिसर्च करना उद्देश्य
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विषय में गेट में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक पाने वाली फ र्रुखाबाद रेलवे रोड की रहने वाली प्रिया राठौर ने यूपीटीटीआई से बीटेक किया है। प्रिया केपिता प्राणवीर सिंह राठौर सेना से रिटायर्ड हैं । प्रिया वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक की छात्रा हैं। वह आईआईटी से पीएचडी करके देश केलिए रिसर्च करना चाहती हैं । वह अपनी सफलता का श्रेय पिता को देती हैं ।
किसान के बेटे ने पाई सफलता
यूपीटीटीआई के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र शिवम तिवारी ने गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया 15 वीं रैंक प्राप्त की है। वाराणसी के रहने वाले शिवम केपिता श्रीराम तिवारी किसान हैं। शिवम के अनुसार आईआईटी बांबे से एमटेक करने के बाद वह प्रोफेसर बनकर अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहते हैं ।
देश के लिए रिसर्च करना उद्देश्य
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विषय में गेट में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक पाने वाली फ र्रुखाबाद रेलवे रोड की रहने वाली प्रिया राठौर ने यूपीटीटीआई से बीटेक किया है। प्रिया केपिता प्राणवीर सिंह राठौर सेना से रिटायर्ड हैं । प्रिया वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक की छात्रा हैं। वह आईआईटी से पीएचडी करके देश केलिए रिसर्च करना चाहती हैं । वह अपनी सफलता का श्रेय पिता को देती हैं ।
किसान के बेटे ने पाई सफलता
यूपीटीटीआई के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र शिवम तिवारी ने गेट में टेक्सटाइल एंड फाइबर साइंस विषय में ऑल इंडिया 15 वीं रैंक प्राप्त की है। वाराणसी के रहने वाले शिवम केपिता श्रीराम तिवारी किसान हैं। शिवम के अनुसार आईआईटी बांबे से एमटेक करने के बाद वह प्रोफेसर बनकर अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहते हैं ।