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कन्नौज में बाढ़ का रौद्र रूप: गंगा क जलस्तर बढ़ा...काली नदी का बहाव तेज, एक दर्जन से अधिक गांव हैं प्रभावित

Thu, 24 Aug 2023 05:10 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 24 Aug 2023 05:10 PM IST
सार

Kannauj Flood Update: डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के दौरान नाव के संचालन पर पहले भी रोक लगाई गई थी। अब चूंकि जलस्तर बढ़ गया है, ऐसे में नाव के संचालन से हादसा हो सकता है।

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Furious form of flood in Kannauj, The water level of the Ganges increased, the flow of Kali river is fast
नाव से स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कन्नौज जिले में पिछले दिनों अलग-अलग बाढ़ग्रस्त इलाकों में नाव से हुए हादसों में जान जाने के बाद प्रशासन ने भले ही नाव संचालन पर रोक लगा रखा है। लेकिन इन दिनों बाढ़ में वही नाव गांव वालों के लिए सहारा बनी हुई है। गांव के लोग और स्कूल जाने वाले बच्चे जान को खतरे में डालकर नाव से ही सफर कर रहे हैं।

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हालांकि बुधवार को प्रशासन ने फिर से नाव के संचालन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है, लेकिन गांव के लोग और कोई साधन नहीं होने पर उसी पर निर्भर हैं। गंगा नदी उफान पर होने की वजह से कटरी क्षेत्र के अधिकांश गांव बाढ़ की चेपट में हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से काली नदी का बहाव भी तेज हो गया है।
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लगातार बढ़ता जलस्तर अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है। कासिमपुर गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब गया है। ग्रामीणों के पास आने-जाने का एक मात्र साधन नाव ही बचा है। गुमटिया गांव से पुलिस लाइन जाने वाली रोड का कुछ हिस्सा बाढ़ के पानी से डूब गया है।

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नाव के संचालन पर पहले भी रोक लगाई गई थी
छात्र नाव से स्कूल जाने को मजबूर हैं। छात्रों के नाव से स्कूल जाने की जानकारी सामने आने पर प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है। डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के दौरान नाव के संचालन पर पहले भी रोक लगाई गई थी। अब चूंकि जलस्तर बढ़ गया है, ऐसे में नाव के संचालन से हादसा हो सकता है।

गंगा ने छू लिया खतरे का निशान
बुधवार को गंगा का जलस्तर 125.960 मीटर दर्ज किया गया। गंगा खतरे के निशान पर बह रही हैं। बाढ़ का पानी कासिमपुर, बक्शीपुरवा, अमीनाबाद, फिरोजपुर, डंगूरपुर समेत कई गांवों में घुस गया है। इन गांव के ज्यादातर मकान पानी में डूब गए हैं। ग्रामीण सड़क किनारे पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं।



जाना है स्कूल, चाहे सड़क डूबे या पुल
बाढ़ की वजह से पढ़ाई पर कोई असर न आए इसके लिए बच्चे नाव के सहारे स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिया पार कराने के लिए एक नाव की व्यवस्था कर रखी है। इससे छात्रों को बैठाकर दूसरी तरफ छोड़ा जा रहा है। स्कूल से वापस आने पर नाव दोबारा छात्रों को दूसरी ओर से गांव तक ला रही हैं।

यह है गंगा के जलस्तर की स्थित

  •  चेतावनी बिंदु -124.970 मीटर।
  • खतरे का निशान -125.960 मीटर।
  • हाई फ्लड लेबिल 126.240 मीटर।
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