1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों के द्वारा ढाए गए जुल्म की एक भयावह तस्वीर 161 साल बाद सामने आई है। रानी विक्टोरिया को खुश करने के लिए अंग्रेजों ने भारत माता के लाल को तोप से उड़ा दिया था। 161 साल बाद देश के एक लाल की खोपड़ी इंग्लैंड में मिली है। यह वही देशभक्त है जिसको 1857 की क्रांति के समय रानी विक्टोरिया के सामने तोप से उड़ाया था। इस देशभक्त का नाम है आलम बेग। हवलदार आलम बेग क्रांति के दौरान 46 रेजीमेंट बंगाल नॉर्थ इंफ्रेंट्री बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे। इंग्लैंड के वैज्ञानिक वेंगर ने खुलासा किया है कि आलम बेग उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी थे। खोपड़ी मिलने के बाद इतिहासकारों ने सवाल उठाए तो इसकी तफ्तीश हुई।
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तोप से उड़ा था जिसका धड़, आज रिसर्च का विषय बनी खोपड़ी, हैरान करेगी विक्टोरिया जमाने की सच्ची कहानी
Fri, 11 Jan 2019 10:59 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 11 Jan 2019 10:59 AM IST
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आलम बेग के सिर का कंकाल
वैज्ञानिक वेंगर और उनके साथियों ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के प्रो. जेएस सहरावत से संपर्क किया। उन्होंने उनके साथ रिसर्च के सभी तथ्य साझा किए। प्रो. सहरावत ने उनसे खोपड़ी देश भेजने के लिए चिट्ठी लिखी है। उन्हें इस बारे में आश्वासन भी मिला है। 1857 की क्रांति में मारे गए 282 सैनिकों की अमृतसर के अजनाला में मिली हड्डियों और अवशेषों पर प्रो. सहरावत शोध कर रहे हैं। इन्हीं सैनिकों का आलम बेग नेतृत्व कर रहे थे।
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आपको बता दें कि 282 सैनिकों की टुकड़ी में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए हवलदार आलम बेग ही बचे थे। अंग्रेजों ने उन्हें जम्मू में रावी नदी के पास पकड़ लिया गया। इसी दौरान ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी कूपर को पता चला कि रानी विक्टोरिया आ रही हैं। तो उसने रानी को आलम बेग का सिर भेंट करने की योजना बनाई। सियालकोट(अब पाकिस्तान ) में आलम बेग को रानी के सामने आलम बेग को तोप से उड़ा दिया गया। उनके सिर को ग्रिसली ट्रॉफी नाम दिया गया, यह सिर 1858 में इंग्लैंड ले जाया गया।
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ऐसे मिला आलम बेग का सिर
इंग्लैंड के एसेक्स शहर में लॉर्ड क्लाइड पब की बिक्री हुई। इसको खरीदने वाले ने पब की सफाई की तो उसमें एक खोपड़ी मिली। इस खोपड़ी में एक आधी गली हुई चिट्ठी भी थी। यह बात इंग्लैंड के वैज्ञानिक वेंगर को पता लगी तो उन्होंने इस पर रिसर्च करने की योजना बनाई।
इंग्लैंड के एसेक्स शहर में लॉर्ड क्लाइड पब की बिक्री हुई। इसको खरीदने वाले ने पब की सफाई की तो उसमें एक खोपड़ी मिली। इस खोपड़ी में एक आधी गली हुई चिट्ठी भी थी। यह बात इंग्लैंड के वैज्ञानिक वेंगर को पता लगी तो उन्होंने इस पर रिसर्च करने की योजना बनाई।
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खोपड़ी की आंख में रखी चिट्ठी से खुलासा हुआ कि आलम बेग को जब तोप से उड़ाया गया था तो उनकी उम्र 32 साल थी। कद पांच फीट सात इंच था। रिकॉर्ड में अंग्रेजों ने उस समय लिखा था कि आलम बेग एक ऐसा देशभक्त था जो किसी हाल में झुकने को तैयार न हुआ।