Kanpur: निशुल्क गठिया-लिगामेंट इंजरी शिविर, 1183 मरीजों ने कराई जांच, विशेषज्ञ बोले- आरामतलबी दे रही है गठिया
Amar Ujala Foundation: शिविर में डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. एके बथेजा समेत 20 डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि युवा रोगियों में अधिक संख्या सर्वाइकल स्पॉन्डलाइसिस के रोगियों की थी।
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कानपुर के सत्या हॉस्पिटल बर्रा में आयोजित निशुल्क गठिया, लिगामेंट इंजरी में रविवार को 1183 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण और जांचें कराईं। शिविर में आए 50 फीसदी रोगियों के घुटनों में गठिया की शिकायत मिली। इनमें ज्यादातर 60 वर्ष और अधिक आयु वर्ग के थे। कुल रोगियों में 20 फीसदी को अस्थिक्षरण के रोग ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआत हो गई थी।
शिविर में जांच हुई तो उन्हें हड्डियों को खोखला कर रहे रोग का पता चला। इसके साथ ही 20 फीसदी रोगियों में डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण मिले। शिविर का आयोजन सत्या हॉस्पिटल, आशा फाउंडेशन और अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले किया गया। मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर आरके स्वर्णकार रहे। शिविर की शुरुआत सुबह आठ बजे से हो गई।
शिविर में डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. एके बथेजा समेत 20 डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि युवा रोगियों में अधिक संख्या सर्वाइकल स्पॉन्डलाइसिस के रोगियों की थी। उन्होंने बताया कि रोगियों की डायग्नोसिस से पता चला कि आरामतलबी की जिंदगी, व्यायान्न करने से गठिया बढ़ रहा है। बंद एसी कमरों में रहने डिजिटल गैजेट्स के अधिक इस्तेमाल से यह दिक्कत बढ़ रही है।
कैल्शियम की निशुल्क जांच की गई
शिविर में छह कंप्यूटरीकृत बीएमडी मशीनों से जांच की गई। साथ ही कैल्शियम की निशुल्क जांच की गई। डायबिटिक न्यूरोपैथी, सीबीसी, यूरिक एसिड आदि की जांचें की गईं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शिविर में आए 15 फीसदी रोगियों का यूरिक एसिड बढ़ा था। 30 फीसदी एनीमिक थे। इनमें महिलाएं अधिक थीं। उन्होंने बताया कि शिविर में रजिस्ट्रेशन करा चुके जो रोगी रविवार को नहीं दिखा पाए, उनका सोमवार को निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण होगा।
उद्यमियों, समाजसेवियों को सम्मानित किया, पुस्तक का विमोचन
शिविर में उद्यमियों, समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। साथ ही वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एके अग्रवाल की पुस्तक घुटने की गठिया और उपचार का विमोचन किया गया। पुलिस कमिश्नर ने शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डिग्री वाले डॉक्टरों को रखा जाए। यह पेशा जिंदगी बचाने का है। इसे बिजनेस की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि नगर निगम के जोनल स्वच्छता अधिकारी अरविंद यादव रहे।
गठिया और लिंगामेंट इंजरी से बचाव की जानकारी
इस मौके पर आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में डॉ. एके अग्रवाल ने गठिया और लिंगामेंट इंजरी से बचाव के तरीकों के संबंध में बताया। डॉ. मनीषा अग्रवाल ने एनीमिया और कुपोषण से बचाव के संबंध में बताया। उर्वरक उद्यमी मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. विनोद कुमार, मोहनी चाय के मनोज अग्रवाल, स्वाती बिस्कुट के राम जसमलानी, सरिया उद्यमी नवीन जैन, पीडी गर्ग को सम्मानित किया गया। जयंती देवी ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न दिया।
- गांठों में दर्द रहता है। तकलीफ से बहुत दिनों से परेशान हैं। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण कराने का अच्छा अवसर मिल गया। विशेषज्ञ जांचें भी निशुल्क कर रहे हैं। -रीता कक्कड़ (55), गोविंदनगर
- घुटनों की गठिया से परेशान हैं। शिविर में आकर जांच कराई है। निशुल्क जांचें हो गई हैं। स्पेशियलिटी कैंप हैं। इससे रोगियों को बहुत राहत मिली। -मो. इसराइल (74), बाबूपुरव
- गांठों में दर्द तो रहता ही है। अब चक्कर आने लगा है। जुबान भी लड़खड़ाती है। न्यूरोपैथी, कैल्शियम आदि की जांचें हुई हैं। स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। -आनंद कुमार (70), घाटमपुर
- पैरों और घुटनों में काफी दिनों से दर्द है। कंधों में भी दर्द होता है। शिविर में जांच कराई है। सभी जांचें निशुल्क हो गई हैं। बीएमडी, हीमोग्लोबिन की भी जांच हो रही है। -संध्या सिंह (45), बर्रा
- घुटनों में दर्द रहता है। बैठे रहकर उठने में दिक्कत होती है। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण हो गया। कैल्शियम आदि की जांच भी निशुल्क हो गई। शिविर से फायदा हुआ है। -निधि पांडेय, गंगागंज, पनकी