Kanpur: मौरंग खदान में हिस्सेदारी के नाम पर 7.11 करोड़ की धोखाधड़ी, रिपोर्ट दर्ज
मौरंग खदान में हिस्सेदारी के नाम पर कानपुर के व्यापारियों से 7.11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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हमीरपुर में एक मौरंग खदान में हिस्सेदारी का झांसा देकर दिल्ली के जालसाजों ने कानपुर के आधा दर्जन व्यापारियों को 7.11 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। दो साल तक न तो खदान का पता चला और न ही पैसा लौटाया गया। इसके बाद अब पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। कानपुर के पटेलनगर निवासी रामपाल सिंह की कोतवाली के सामने सपना पुलिस एंड मिलिट्री स्टोर के नाम से दुकान थी।
इसके साथ वह चमड़े के बेल्ट व जूते आदि का व्यापार करते थे। दो साल पहले कानपुर देहात के रहने वाले उनके परिचित देवराज सिंह ने रामपाल को दिल्ली के रहने वाले मेसर्स रनछोर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुकेश कुमार और नागपुर निवासी रघुवंश महेश पांडेय से मुलाकात कराई। दोनों ने बताया कि उन्हें पांच साल के लिए हमीरपुर में एक मौरंग खनन की खदान आवंटित हो गई है।
निवेश कर साझेदार बन जाएं तो 15 फीसदी लाभ के साथ पांच साल में पैसा वापस हो जाएगा। रामपाल ने अपने व्यापारिक मित्रों पप्पू चौहान, कुलदीप राठौर, प्रमोद परिहार, इंद्रजीत सिंह आदि से बातकर चर्चा की तो सभी ने मिलकर 7.11 करोड़ रुपये आठ बार में पैसा दे दिया। दो सालों से सभी रुपये वापस लेने की जद्दोजहद कर रहे थे।