Hamirpur: कागजों में संचालित हो रहे चार मदरसे, नामांकन संख्या शून्य...अब मान्यता होगी खत्म, पढ़ें पूरा मामला
Hamirpur News: बीएसए आलोक सिंह ने बताया कि चारों मदरसा का यू-डायस बंद कर दिया गया है। बीते साल की तुलना में मौजूदा सत्र में 700 विद्यार्थी गुम हो गए हैं।
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हमीरपुर जिले में शासन की ओर से प्रत्येक विद्यालय को यू-डायस पोर्टल पर फीड करने और हर छात्र की आधार से जुड़ी प्रोफाइल बनाने के कार्य में फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं। जनपद में चार ऐसे मदरसे हैं, जिनकी नामांकन संख्या शून्य है।
कागजों में संचालित इन मदरसों की मान्यता खत्म करने के लिए विभाग ने शासन को पत्राचार किया गया है। जनपद में तहतानिया व फौकानिया स्तर के 53 मदरसे संचालित हैं। 18 का आधुनिकीकरण हो चुका है, एक अनुदानित मदरसा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत हैं।
गोहांड के मदरसा एम अबुल कलाम आजाद, मदरसा डॉ. जाकिर हुसैन, मदरसा सर सैयद अहमद खां, मदरसा यादगार ए गालिब में बीते साल क्रमश: 64, 100, 63, 73 छात्रों की संख्या पंजीकृत कराई थी। लेकिन आधार प्रक्रिया लागू होने से मौजूदा वर्ष में इनकी नामांकन संख्या शून्य हो गई है।
मदरसों की मान्यता निरस्त करने के लिए पत्राचार
इससे फर्जीवाड़़ा का अंदेशा जताया जा रहा है। इन चार मदरसों की मान्यता निरस्त करने के लिए पत्राचार किया गया है। बीएसए आलोक सिंह ने बताया कि चारों मदरसा का यू-डायस बंद कर दिया गया है। बीते साल की तुलना में मौजूदा सत्र में 700 विद्यार्थी गुम हो गए है।
दर्शाई गई थी छात्रों की फर्जी संख्या
इससे आशंका जताई जा रही है, इतने छात्रों की संख्या फर्जी दर्शाई गई थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि मदरसा सांई पौथिया में कुल 151 विद्यार्थियों की संख्या दर्ज कराई थी। अब तक 134 लंबित हैं। इसी तरह फातिमा जहरा पब्लिक स्कूल में छात्रों की संख्या 123 भरी थी।
बीआरसी द्वारा फीड कर दी जाती थी छात्रों की संख्या
अब तक 101 लंबित हैं। एपीजे अब्दुल कलाम ने 80 दर्ज कराए थे 47 लंबित हैं। इसी तरह यादगार मोहम्मदी मदरसा मौदहा में 320 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 20 लंबित हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि बीते साल तक बीआरसी द्वारा सभी मदरसों द्वारा छात्रों की संख्या फीड कर दी जाती थी।
गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
अब आधार से पंजीकरण कराया जा रहा है, जिसके बाद नामांकन में कमी आई है। मदरसों में छात्रों की संख्या कम हो गई है। चार मदरसों की नामांकन संख्या शून्य होने पर बीएसए व शासन को मान्यता निरस्त करने के लिए पत्राचार किया गया है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।