Mahoba: ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय पहाड़ धसकने से मलबे में दबकर चार श्रमिकों की मौत, दो घायल
Mahoba News: कबरई कस्बे में खनन कार्य के दौरान ब्लॉस्टिंग से चार मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, मलबे में आठ मजदूरों के दबे होने की आशंका है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया है।
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महोबा जिले में पत्थरमंडी कबरई के पहरा पहाड़ में मंगलवार दोपहर खनन कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय पहाड़ के ऊपर का एक हिस्सा धसकने से चार श्रमिकों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर एडीजी प्रयागराज, मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम, एसपी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद सभी श्रमिकों के शव बाहर निकाले जा सके। घटना के दौरान मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा देते हुए शांत कराया। थाना कबरई के पहरा गांव में धनराज सिंह के नाम पत्थर खनन का पट्टा है। जो वर्ष 2019 में 10 साल के लिए स्वीकृत हुआ था। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पहाड़ पर ब्लास्टिंग के लिए छेद करने का काम चल रहा था।
दो मजदूर मशीन से छेद कर रहे थे, जबकि नीचे ट्रैक्टर और पोकलैंड मशीनों से कुछ श्रमिक पत्थर भर रहे थे। तभी अचानक 200 फीट गहरे पहाड़ का ऊपरी हिस्सा धसक गया। मिट्टी के साथ पत्थर गिरने से छह श्रमिक मलबे में दब गए। अन्य श्रमिक कुछ दूरी पर होने के चलते बाल-बाल बच गए। मलबे में तीन ट्रैक्टर व दो जेसीबी भी दब गई। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई।
मृतकों में पहरा गांव निवासी राममिलन कुशवाहा (35), रामफूल अहिरवार (32), नहदौरा निवासी कुलदीप उर्फ प्यारे रैकवार (20) और मध्यप्रदेश के ज्योरहा निवासी प्रेमचंद्र कुशवाहा (21) शामिल हैं। घटना के बाद परिजनों ने बिना सुरक्षा उपकरण काम कराने का आरोप लगाते हुए पट्टाधारक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर, मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, डीआईजी अजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतकों के परिजनों को हर पहलू की जांच कराकर कार्रवाई और हर संभव मदद का भरोसा दिया। डीएम का कहना है कि पहाड़ के ऊपरी हिस्से की मिट्टी खिसकने से हादसा हुआ है। रेस्क्यू कर सभी शवों को बाहर निकाला गया है। पट्टा 10 साल के लिए स्वीकृत है। अवैध खनन का मामला सामने नहीं आया है। मामले से खनिज विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।