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कानपुर: दुष्कर्म मामले में पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी बरी
Wed, 16 Mar 2022 03:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Mar 2022 03:34 PM IST
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पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
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दुष्कर्म के मामले में सात माह से जेल में बंद चर्चित पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी को सबूतों के अभाव में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने बरी कर दिया है। चकेरी के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी दिनेश त्रिपाठी को अपने किराएदार की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोप में 10 अगस्त 2021 को जेल भेजा गया था।
आरोप था कि 8 अगस्त को दिनेश चकेरी स्थित अपने मकान में पहुंचे तो किराएदार के नाबालिग बेटा और बेटी उनके कमरे में टीवी देखने गए थे। थोड़ी देर बाद बेटा वापस आ गया लेकिन बेटी वापस नहीं लौटी। कुछ देर बाद जब मां बेटी को बुलाने दिनेश के कमरे में गई तो दिनेश को बेटी के साथ दुष्कर्म करते देखा जिसके बाद चकेरी थाने में दिनेश के खिलाफ पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ दिनों बाद पिता की मौत हो गई थी। मामले में पीड़िता कोर्ट में अपने बयान से मुकर गई थी। मां और भाई भी पक्षद्रोही हो गए थे। अभियोजन की ओर से पीड़िता के दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी जिसे विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ने खारिज कर दिया था।
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आरोप था कि 8 अगस्त को दिनेश चकेरी स्थित अपने मकान में पहुंचे तो किराएदार के नाबालिग बेटा और बेटी उनके कमरे में टीवी देखने गए थे। थोड़ी देर बाद बेटा वापस आ गया लेकिन बेटी वापस नहीं लौटी। कुछ देर बाद जब मां बेटी को बुलाने दिनेश के कमरे में गई तो दिनेश को बेटी के साथ दुष्कर्म करते देखा जिसके बाद चकेरी थाने में दिनेश के खिलाफ पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ दिनों बाद पिता की मौत हो गई थी। मामले में पीड़िता कोर्ट में अपने बयान से मुकर गई थी। मां और भाई भी पक्षद्रोही हो गए थे। अभियोजन की ओर से पीड़िता के दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी जिसे विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ने खारिज कर दिया था।
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