कानपुर गोलीकांड: कॉल सेंटर संचालक को गोली मारकर लूटे थे पांच लाख, तीन पर नामजद केस, किसी का नहीं लगा सुराग
जाजमऊ में शनिवार रात कॉल सेंटर संचालक को गोली मारकर पांच लाख रुपये लूटे गए थे। संचालक ने रिश्तेदार पर आरोप लगाया था और देर रात एफआईआर दर्ज हुई थी। सभी आरोपियों के मोबाइल बंद जा रहे हैं। पुलिस ने उनके परिचितों और रिश्तेदारों को उठाया है।
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कानपुर में कॉल सेंटर संचालक को गोली मारकर लूट करने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों पर नामजद केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपी संचालक का रिश्तेदार है। तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित तीन चार सीसीटीवी फुटेज निकाले हैं।
केबीए कंपाउंड कालोनी जाजमऊ निवासी फारुक अहमद कॉल सेंटर चलाते हैं। शनिवार रात नौ बजे वह बीसी की रकम लेकर स्कूटी से घर लौटे थे। घर के बाहर पहुंचते ही उनको गोली मार दी गई थी। गनीमत रही कि गोली कूल्हे में लगी। फारुक की तहरीर पर उनके साढ़ू के बेटे उमर व उसके साथी चांद व राजू पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि आरोपी फोन बंद कर फरार हैं। उनके करीबियों से पूछताछ की जा रही है और जल्द वह पकड़े जाएंगे। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी का कुछ लेनदेन का विवाद पीड़ित से चल रहा था। इसलिए उसने वारदात को अंजाम दिया, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी।
भागते हुए एक शख्स दिखा
पीड़ित का आरोप है कि उमर समेत तीन हमलावर थे। जब पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए, तो उसमें सिर्फ एक शख्स ही भागते दिख रहा है। अन्य दो किस और गए यह पता नहीं चल सका है। अंधेरा होने की वजह फुटेज स्पष्ट नहीं है। इस वजह से भागने वाले शख्स की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।