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दूरबीन विधि से 20 मिनट में बंद कर दिया दिल का छेद, यहां पहली बार इस विधि से हुआ इलाज
Sun, 21 Apr 2019 07:03 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 21 Apr 2019 07:03 PM IST
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दूरबीन विधि से 20 मिनट में बंद कर दिया दिल का छेद
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्थित कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में अकबरपुर की रहने वाली 10 साल की काजल के दिल के छेद को बिना आपरेशन दूरबीन विधि से 20 मिनट में बंद कर दिया गया। दूरबीन विधि से दिल के छेद को उपकरण लगाकर बंद किए जाने का कार्डियोलॉजी में यह पहला मामला है।
रोगी का इलाज असाध्य रोग निशुल्क उपचार योजना के तहत किया गया। डॉक्टरों का दावा है कि वेंटरीकुलआर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) की बीमारी में दिल के छेद को उपकरण लगाकर बंद किए जाने का यह उत्तर भारत का पहला मामला है।
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रोगी का इलाज असाध्य रोग निशुल्क उपचार योजना के तहत किया गया। डॉक्टरों का दावा है कि वेंटरीकुलआर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) की बीमारी में दिल के छेद को उपकरण लगाकर बंद किए जाने का यह उत्तर भारत का पहला मामला है।
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रोगी का इलाज करने वाले कार्डियोलॉजी के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि काजल को जन्म से ही सर्दी-जुकाम, घबराहट और सांस की तकलीफ रहती थी। उसका कार्डियोलॉजी में परीक्षण कराया गया। जांच में छह मिमी मस्कुलर वीएसडी का पता चला।
बाद में इसे बिना किसी चीरफाड़ के उपकरण लगाकर बंद कर दिया गया। इसमें लगभग 20 मिनट का समय लगा। उसे चार अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। अमूमन ओपन हार्ट सर्जरी से इस रोग का इलाज होता है। निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि वीएसडी की ओपन हार्ट सर्जरी एक जटिल प्रक्रिया है। रोगी की विस्तृत जांच के बाद निर्णय हो पाता है कि वह डिवाइस क्लोजर के लिए उपयुक्त है।
बाद में इसे बिना किसी चीरफाड़ के उपकरण लगाकर बंद कर दिया गया। इसमें लगभग 20 मिनट का समय लगा। उसे चार अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। अमूमन ओपन हार्ट सर्जरी से इस रोग का इलाज होता है। निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि वीएसडी की ओपन हार्ट सर्जरी एक जटिल प्रक्रिया है। रोगी की विस्तृत जांच के बाद निर्णय हो पाता है कि वह डिवाइस क्लोजर के लिए उपयुक्त है।