{"_id":"cd3eb4bb05a79fcef555863bc043734b","slug":"first-time-jee-advance-cutoff-marks-in-big-fall-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेईई एडवांस के कटऑफ मार्क्स में पहली बार बड़ी गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेईई एडवांस के कटऑफ मार्क्स में पहली बार बड़ी गिरावट
संतोष सिंह कानपुर
Updated Tue, 16 Jun 2015 02:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (पीसीएम) के कुछ क्वेश्चन में समान मार्क्स दिए जाने के कारण ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) एडवांस 2015 के न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स में पहली बार बड़ी गिरावट आई है। अब पीसीएम में 124 मार्क्स हासिल करने वाले स्टूडेंट को एडमिशन की कॉमन रैंक लिस्ट में जगह मिल जाएगी। 112 मार्क्स पर ओबीसी और 62 मार्क्स पाने वाले एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड स्टूडेंट को भी मेरिट में जगह मिलेगी।
कानपुर सहित देश की 17 आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में एडमिशन के लिए 24 मई को जेईई एडवांस कराया गया था। आईआईटी मुंबई की देखरेख में हुए इस टेस्ट के रिजल्ट 18 जून को आएंगे, इससे पहले 13 जून को क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स की रिवाइज्ड लिस्ट जारी कर दी गई है।
इसके मुताबिक हर सब्जेक्ट (पीसीएम) में 12-12 मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट ही जेईई एडवांस की कॉमन क्वालीफाइंग मेरिट लिस्ट में जगह बना पाएंगे। ओबीसी के लिए 11-11 मार्क्स, एससी, एसटी और फिजिकली डिसएबिल्ड के लिए हर सब्जेक्ट में छह मार्क्स लाने की अनिवार्यता है। पीसीएम के एग्रीगेट (कुल) मार्क्स के कटऑफ भी फाइनल कर दिए गए हैं। कुल 504 मार्क्स में से 24.5 फीसदी मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट कॉमन रैंक लिस्ट में जगह बना लेंगे।
विज्ञापन
ओबीसी के लिए 22.5 फीसदी मार्क्स और एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड के लिए 12.25 फीसदी मार्क्स लाने की अनिवार्यता है। हर सब्जेक्ट (पीसीएम) में सात फीसदी मार्क्स पाने वाले सामान्य, 6.3 फीसदी मार्क्स पाने वाले ओबीसी और 3.5 फीसदी मार्क्स लाने वाले एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड का सेलेक्शन हो जाएगा। सब्जेक्ट और उनके मार्क्स को मिलाकर ही न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स जारी किए गए हैं। जेईई चेयरमैन प्रो, टी सनमुग राज ने बताया कि वेबसाइट iitb.ac.in/jeeadvanced2015 पर ब्यौरा उपलब्ध है।
आईआईटी मुंबई ने एक जून को क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स की जो सूची जारी की थी, उसके मुताबिक 177 मार्क्स (सामान्य), 159 (ओबीसी) और 89 मार्क्स (एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड) पाने वालों का सेलेक्शन होना था। यह कटऑफ काफी हाई था। अब इसे 13 जून को रिवाइज्ड कर दिया गया है।
गौरतलब यह है कि अब तक ओवर आल मार्क्स में से न्यूनतम 35 फीसदी मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट को ही कॉमन मेरिट लिस्ट में जगह मिलती रही है लेकिन इस बार 24.5 फीसदी मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट इस लिस्ट में जगह बना लेंगे। मैथमेटिक्स के एक्सपर्ट महेश सिंह चौहान ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2014-15 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (पीसीएम) का पेपर 360 मार्क्स का आया था।
जिन स्टूडेंट को 130 मार्क्स (न्यूनतम 36.11 फीसदी) मिले थे, उन्हें कॉमन क्वालीफाइंग लिस्ट में जगह मिल गई थी। इस बार 2015-16 में पेपर 504 मार्क्स का आया था। इसमें न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स 124 है, जिसे बड़ी गिरावट के रूप में देखा जाएगा।
आईआईटी ने प्रिपेट्री कोर्स में एडमिशन के क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स भी तय कर दिए हैं। ओबीसी, एससी, एसटी और फिजिकली डिसएबिल्ड के जो स्टूडेंट न्यूनतम 31-31 मार्क्स हासिल करेंगे, उन्हें प्रिपेट्री कोर्स करने का मौका मिलेगा। यह कोर्स सेलेक्शन पाने वाले लेकिन पढ़ाई में कमजोर स्टूडेंट के लिए चलाया जाता है। कोर्स पूरा कराने के बाद ही संबंधित स्टूडेंट को बीटेक में एडमिशन मिलता है। इससे पहले जो कटऑफ मार्क्स आए थे, उसमें 45-45 मार्क्स हासिल करने की अनिवार्यता थी।
विज्ञापन
कानपुर सहित देश की 17 आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में एडमिशन के लिए 24 मई को जेईई एडवांस कराया गया था। आईआईटी मुंबई की देखरेख में हुए इस टेस्ट के रिजल्ट 18 जून को आएंगे, इससे पहले 13 जून को क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स की रिवाइज्ड लिस्ट जारी कर दी गई है।
विज्ञापन
इसके मुताबिक हर सब्जेक्ट (पीसीएम) में 12-12 मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट ही जेईई एडवांस की कॉमन क्वालीफाइंग मेरिट लिस्ट में जगह बना पाएंगे। ओबीसी के लिए 11-11 मार्क्स, एससी, एसटी और फिजिकली डिसएबिल्ड के लिए हर सब्जेक्ट में छह मार्क्स लाने की अनिवार्यता है। पीसीएम के एग्रीगेट (कुल) मार्क्स के कटऑफ भी फाइनल कर दिए गए हैं। कुल 504 मार्क्स में से 24.5 फीसदी मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट कॉमन रैंक लिस्ट में जगह बना लेंगे।
विज्ञापन
ओबीसी के लिए 22.5 फीसदी मार्क्स और एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड के लिए 12.25 फीसदी मार्क्स लाने की अनिवार्यता है। हर सब्जेक्ट (पीसीएम) में सात फीसदी मार्क्स पाने वाले सामान्य, 6.3 फीसदी मार्क्स पाने वाले ओबीसी और 3.5 फीसदी मार्क्स लाने वाले एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड का सेलेक्शन हो जाएगा। सब्जेक्ट और उनके मार्क्स को मिलाकर ही न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स जारी किए गए हैं। जेईई चेयरमैन प्रो, टी सनमुग राज ने बताया कि वेबसाइट iitb.ac.in/jeeadvanced2015 पर ब्यौरा उपलब्ध है।
आईआईटी मुंबई ने एक जून को क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स की जो सूची जारी की थी, उसके मुताबिक 177 मार्क्स (सामान्य), 159 (ओबीसी) और 89 मार्क्स (एससी, एसटी, फिजिकली डिसएबिल्ड) पाने वालों का सेलेक्शन होना था। यह कटऑफ काफी हाई था। अब इसे 13 जून को रिवाइज्ड कर दिया गया है।
गौरतलब यह है कि अब तक ओवर आल मार्क्स में से न्यूनतम 35 फीसदी मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट को ही कॉमन मेरिट लिस्ट में जगह मिलती रही है लेकिन इस बार 24.5 फीसदी मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट इस लिस्ट में जगह बना लेंगे। मैथमेटिक्स के एक्सपर्ट महेश सिंह चौहान ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2014-15 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (पीसीएम) का पेपर 360 मार्क्स का आया था।
जिन स्टूडेंट को 130 मार्क्स (न्यूनतम 36.11 फीसदी) मिले थे, उन्हें कॉमन क्वालीफाइंग लिस्ट में जगह मिल गई थी। इस बार 2015-16 में पेपर 504 मार्क्स का आया था। इसमें न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स 124 है, जिसे बड़ी गिरावट के रूप में देखा जाएगा।
आईआईटी ने प्रिपेट्री कोर्स में एडमिशन के क्वालीफाइंग कटऑफ मार्क्स भी तय कर दिए हैं। ओबीसी, एससी, एसटी और फिजिकली डिसएबिल्ड के जो स्टूडेंट न्यूनतम 31-31 मार्क्स हासिल करेंगे, उन्हें प्रिपेट्री कोर्स करने का मौका मिलेगा। यह कोर्स सेलेक्शन पाने वाले लेकिन पढ़ाई में कमजोर स्टूडेंट के लिए चलाया जाता है। कोर्स पूरा कराने के बाद ही संबंधित स्टूडेंट को बीटेक में एडमिशन मिलता है। इससे पहले जो कटऑफ मार्क्स आए थे, उसमें 45-45 मार्क्स हासिल करने की अनिवार्यता थी।