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पॉलिस्टर फिल्म फैक्टरी में लगी आग, करोड़ों का नुकसान
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कानपुर देहात जिले के जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में आग लगने से धूं-धूं कर जलता सामान।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र के पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली स्पर्श इंडस्ट्रीज फैक्टरी में गुरुवार की देर रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। वहां करीब सौ मजदूर काम कर रहे थे। आग पूरे होलोग्राफी सेक्सन में फैल गई। मजदूरों ने बाहर भागकर जान बचाई। सूचना दमकल विभाग को दी गई। एफएसओ ने टीम के साथ सात घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, फैक्टरी प्रबंधन ने करोड़ों रुपये का नुकसान होने बात कही है।
पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली स्पर्श इंडस्ट्रीज में गुरुवार रात नाइट शिफ्ट चल रही थी। प्लांट में करीब सौ से अधिक मजदूर थे। अचानक शार्ट सर्किट से होलोग्राफी सेक्सन में आग लग गई। इस सेक्सन में दस से अधिक मजदूर थे। वहां रखे तैयार पॉलिस्टर फिल्म के बंडल व कच्चा माल जलने लगा। कुछ ही देर में आग पूरे सेक्सन में फैल गई। पहले अपने संसाधनों से आग बुझाने का काम शुरू किया, फिर माती फायर स्टेशन में सूचना दी गई। दो गाड़ी लेकर अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार फैक्टरी पहुंचे।
उन्होंने आग का विकराल रूप देख भोगनीपुर, रसूलाबाद व सिकंदरा से पांच और दमकल वाहन बुलाए। कुल सात वाहनों से दमकल कर्मियों ने सात घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुक्रवार की सुबह करीब पौने आठ बजे आग शांत हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह भी फैक्टरी में डटे रहे। फैक्टरी प्रबंधन के तन्मय कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने वाले प्लांट का भवन जर्जर हो गया है। वहां मजदूरों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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फैक्टरी प्रबंधन नहीं दिखा फायर एनओसी, जारी होगी नोटिस
कानपुर देहात। पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली फैक्टरी में आग की घटना के बाद फायर एनओसी मांगी गई। फैक्टरी प्रबंधन एनओसी नहीं दिखा सका। इस पर अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी करने की बात कही है। फैक्टरी में आग से बचाव के इंतजामों की गहनता से पड़ताल होगी।
पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली स्पर्श इंडस्ट्रीज के पास फायर एनओसी है या नहीं इस पर विभाग के पास भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पहले तो विभाग के लोग आग बुझाने में व्यस्त रहे। आग पर काबू पाने के बाद शुक्रवार की सुबह फायर विभाग ने फैक्टरी से अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) मांगी। फैक्टरी प्रबंध से जुड़े लोग टाल मटोल करते रहे।
अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि फैक्टरी में पानी के टैंक थे, लेकिन आग को नियंत्रित करने के लिए पानी पर्याप्त नहीं था। साथ ही अन्य इंतजाम दुरुस्त नहीं दिख रहे थे। बताया कि फैक्टरी संचालक को नोटिस जारी कर फायर एनओसी मांगी जाएगी। साथ ही अगर बिना एनओसी के फैक्टरी संचालित पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
आसपास की फैक्टरियों से लेना पड़ा पानी
फैक्टरी में आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत थी। फैक्टरी में मौजूद पानी इतनी बड़ी आग बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं था। माती के दो वाहनों के अलावा भोगनीपुर व सिकंदरा से दो-दो व रसूलाबाद फायर स्टेशन से एक दमकल वाहन बुलाया गया था। सात वाहनों को पानी की बड़ी मात्रा में आवश्यकता थी। अग्निशमन अधिकारी ने पास में ही स्थित नेरोलक व पेप्सी फैक्टरी से पानी लिया। वहां से पूरी रात दमकल वाहन पानी लाते रहे।
एचपीसीएल ने नहीं भेजा वाहन, जताई नाराजगी
आग की भयावहता देखकर अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने गोगूमऊ स्थित एचपीसीएल प्लांट से दमकल वाहन मांगा। कई घंटे बाद भी वाहन न आने पर उन्होंने फिर संपर्क किया। वहां से वाहन नहीं भेजा गया। सूचना के बाद भी सहयोग न करने पर अग्निशमन विभाग ने नाराजगी जताई है। साथ ही प्लांट के इस व्यवहार के बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।
आग की लपटें उठती देख मचा हड़कंप
स्पर्श इंडस्ट्रीज में गुरुवार रात आग की लपटें देख पास में स्थित जैनपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों में आशंका थी कि कहीं आग अन्य फैक्टरियों को चपेट में लेकर गांव तक न पहुंच जाए। ग्रामीण रात में छतों पर चढ़कर आग की लपटें देखने के साथ खतरे के बाबत अंदाजा लगाते रहे।
यूं रहा घटनाक्रम
-रात 1:10 बजे आग लगी
-फायर विभाग को सूचना 1:15 बजे
-1:19 पर वाहन लेकर पहुंचे एफएसओ
-1:22 पर माती से दूसरा वाहन बुलाया
-1:40 बजे भोगनीपुर से दो दमकल वाहन पहुंचे
-2:00 बजे सिकंदरा से दो वाहन पहुंचे
-2:35 पर रसूलाबाद से एक वाहन पहुंचा
- सुबह 7:45 पर आग पर पूरी तरह से शांत
- 8: 00 बजे दमकल गाड़ियां स्टेशनों के लिए रवाना
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पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली स्पर्श इंडस्ट्रीज में गुरुवार रात नाइट शिफ्ट चल रही थी। प्लांट में करीब सौ से अधिक मजदूर थे। अचानक शार्ट सर्किट से होलोग्राफी सेक्सन में आग लग गई। इस सेक्सन में दस से अधिक मजदूर थे। वहां रखे तैयार पॉलिस्टर फिल्म के बंडल व कच्चा माल जलने लगा। कुछ ही देर में आग पूरे सेक्सन में फैल गई। पहले अपने संसाधनों से आग बुझाने का काम शुरू किया, फिर माती फायर स्टेशन में सूचना दी गई। दो गाड़ी लेकर अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार फैक्टरी पहुंचे।
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उन्होंने आग का विकराल रूप देख भोगनीपुर, रसूलाबाद व सिकंदरा से पांच और दमकल वाहन बुलाए। कुल सात वाहनों से दमकल कर्मियों ने सात घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुक्रवार की सुबह करीब पौने आठ बजे आग शांत हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह भी फैक्टरी में डटे रहे। फैक्टरी प्रबंधन के तन्मय कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने वाले प्लांट का भवन जर्जर हो गया है। वहां मजदूरों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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फैक्टरी प्रबंधन नहीं दिखा फायर एनओसी, जारी होगी नोटिस
कानपुर देहात। पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली फैक्टरी में आग की घटना के बाद फायर एनओसी मांगी गई। फैक्टरी प्रबंधन एनओसी नहीं दिखा सका। इस पर अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी करने की बात कही है। फैक्टरी में आग से बचाव के इंतजामों की गहनता से पड़ताल होगी।
पॉलिस्टर फिल्म बनाने वाली स्पर्श इंडस्ट्रीज के पास फायर एनओसी है या नहीं इस पर विभाग के पास भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पहले तो विभाग के लोग आग बुझाने में व्यस्त रहे। आग पर काबू पाने के बाद शुक्रवार की सुबह फायर विभाग ने फैक्टरी से अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) मांगी। फैक्टरी प्रबंध से जुड़े लोग टाल मटोल करते रहे।
अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि फैक्टरी में पानी के टैंक थे, लेकिन आग को नियंत्रित करने के लिए पानी पर्याप्त नहीं था। साथ ही अन्य इंतजाम दुरुस्त नहीं दिख रहे थे। बताया कि फैक्टरी संचालक को नोटिस जारी कर फायर एनओसी मांगी जाएगी। साथ ही अगर बिना एनओसी के फैक्टरी संचालित पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
आसपास की फैक्टरियों से लेना पड़ा पानी
फैक्टरी में आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत थी। फैक्टरी में मौजूद पानी इतनी बड़ी आग बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं था। माती के दो वाहनों के अलावा भोगनीपुर व सिकंदरा से दो-दो व रसूलाबाद फायर स्टेशन से एक दमकल वाहन बुलाया गया था। सात वाहनों को पानी की बड़ी मात्रा में आवश्यकता थी। अग्निशमन अधिकारी ने पास में ही स्थित नेरोलक व पेप्सी फैक्टरी से पानी लिया। वहां से पूरी रात दमकल वाहन पानी लाते रहे।
एचपीसीएल ने नहीं भेजा वाहन, जताई नाराजगी
आग की भयावहता देखकर अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने गोगूमऊ स्थित एचपीसीएल प्लांट से दमकल वाहन मांगा। कई घंटे बाद भी वाहन न आने पर उन्होंने फिर संपर्क किया। वहां से वाहन नहीं भेजा गया। सूचना के बाद भी सहयोग न करने पर अग्निशमन विभाग ने नाराजगी जताई है। साथ ही प्लांट के इस व्यवहार के बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।
आग की लपटें उठती देख मचा हड़कंप
स्पर्श इंडस्ट्रीज में गुरुवार रात आग की लपटें देख पास में स्थित जैनपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों में आशंका थी कि कहीं आग अन्य फैक्टरियों को चपेट में लेकर गांव तक न पहुंच जाए। ग्रामीण रात में छतों पर चढ़कर आग की लपटें देखने के साथ खतरे के बाबत अंदाजा लगाते रहे।
यूं रहा घटनाक्रम
-रात 1:10 बजे आग लगी
-फायर विभाग को सूचना 1:15 बजे
-1:19 पर वाहन लेकर पहुंचे एफएसओ
-1:22 पर माती से दूसरा वाहन बुलाया
-1:40 बजे भोगनीपुर से दो दमकल वाहन पहुंचे
-2:00 बजे सिकंदरा से दो वाहन पहुंचे
-2:35 पर रसूलाबाद से एक वाहन पहुंचा
- सुबह 7:45 पर आग पर पूरी तरह से शांत
- 8: 00 बजे दमकल गाड़ियां स्टेशनों के लिए रवाना