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Kanpur News: सीएचसी अधीक्षक समेत 12 के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी
Wed, 29 Jul 2026 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:12 AM IST
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झींझक। मंगलपुर थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पेवान में तैनात सीएचओ ने झींझक सीएचसी अधीक्षक और अपने पड़ोसी समेत 12 लोगों पर मारपीट का आरोप लगा एसपी से शिकायत की। एसपी के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
झींझक नगर के द्वारिकागंज निवासी मनीष कुमार ने एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामपुर टप्पेवान में सीएचओ है। पड़ोसी मनीष के यहां पुत्र जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित छठी संस्कार में वह शामिल नहीं हो सके थे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर 10 जुलाई की शाम पड़ोसी ने उन्हें घर से उठवाने, पिटवाने और जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन बातचीत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे दोनों कंधों में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। इसकी उसने डायल 112 पर सूचना दी। बाद में थाना मंगलपुर पुलिस ने उन्हें सीएचसी भेजा जहां चिकित्सीय परीक्षण के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कुछ दिन बाद पुलिस चौकी से समझौते के लिए फोन आया। इसी दौरान सीएचसी झींझक के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने उन्हें अस्पताल बुलाया। अस्पताल पहुंचने पर दूसरे पक्ष के 10-12 लोग पहले से मौजूद थे। बातचीत के दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। मोबाइल फोन छीनकर उसकी रिकॉर्डिंग देखी गई और फोन का डेटा फॉर्मेट कर दिया गया। साथ ही 24 घंटे के भीतर क्षेत्र छोड़ने और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस पर उसने एसपी से अपनी और परिवार की सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। प्रभारी थानाध्यक्ष मंगलपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर डॉ. पीयूष त्रिपाठी, मनीष व 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो-25- सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठी आकांक्षा त्रिपाठी। संवाद
सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी अधीक्षक की पत्नी, बोली साजिशन फंसाया
कानपुर देहात। झींझक सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पर मंगलवार सुबह उनकी पत्नी आकांक्षा त्रिपाठी सीएमओ दफ्तर आ पहुंची। साजिशन उनके पति को फंसाए जाने का आरोप लगा सीएमओ दफ्तर में वह धरने पर बैठ गईं।
उन्होंनेे बताया कि जिस सीएचओ से लड़ाई हुई थी, उसकी मेरे पति डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने मदद की और मेडिकल भी करवाया। पति को अधीक्षक के पद से हटाने के लिए साजिशन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी दर्ज कराने में सीएमओ ने पहल की, एक तरफा कार्रवाई कराई। इसकी जानकारी होते ही उनकी हालत बिगड़ गई, रात में ही उन्हें हृदय रोग संस्थान कानपुर में भर्ती करना पड़ा। आरोप लगाया कि जब वह सीएमओ से मिलने आईं तो सीएमओ ने उनकी नहीं सुनी, बल्कि पति को गलत ठहराते हुए कहा काटे बोए तो काटे मिलेंगे। वह इस बात से नाराज होकर धरने पर बैठ गई।
उनकी मांग है की मामले की निष्पक्ष जांच हो, पति को साजिशन न फंसाया जाए। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि सीएचओ से विवाद का मामला है। सीएचओ ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की है। इस मामले से उनका कोई लेना देने नहीं है। उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल निराधार है। पुलिस जांच कर सत्यता के आधार पर कार्रवाई करेगी। (संवाद)
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झींझक नगर के द्वारिकागंज निवासी मनीष कुमार ने एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामपुर टप्पेवान में सीएचओ है। पड़ोसी मनीष के यहां पुत्र जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित छठी संस्कार में वह शामिल नहीं हो सके थे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर 10 जुलाई की शाम पड़ोसी ने उन्हें घर से उठवाने, पिटवाने और जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन बातचीत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे दोनों कंधों में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। इसकी उसने डायल 112 पर सूचना दी। बाद में थाना मंगलपुर पुलिस ने उन्हें सीएचसी भेजा जहां चिकित्सीय परीक्षण के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कुछ दिन बाद पुलिस चौकी से समझौते के लिए फोन आया। इसी दौरान सीएचसी झींझक के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने उन्हें अस्पताल बुलाया। अस्पताल पहुंचने पर दूसरे पक्ष के 10-12 लोग पहले से मौजूद थे। बातचीत के दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। मोबाइल फोन छीनकर उसकी रिकॉर्डिंग देखी गई और फोन का डेटा फॉर्मेट कर दिया गया। साथ ही 24 घंटे के भीतर क्षेत्र छोड़ने और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस पर उसने एसपी से अपनी और परिवार की सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। प्रभारी थानाध्यक्ष मंगलपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर डॉ. पीयूष त्रिपाठी, मनीष व 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो-25- सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठी आकांक्षा त्रिपाठी। संवाद
सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी अधीक्षक की पत्नी, बोली साजिशन फंसाया
कानपुर देहात। झींझक सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पर मंगलवार सुबह उनकी पत्नी आकांक्षा त्रिपाठी सीएमओ दफ्तर आ पहुंची। साजिशन उनके पति को फंसाए जाने का आरोप लगा सीएमओ दफ्तर में वह धरने पर बैठ गईं।
उन्होंनेे बताया कि जिस सीएचओ से लड़ाई हुई थी, उसकी मेरे पति डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने मदद की और मेडिकल भी करवाया। पति को अधीक्षक के पद से हटाने के लिए साजिशन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी दर्ज कराने में सीएमओ ने पहल की, एक तरफा कार्रवाई कराई। इसकी जानकारी होते ही उनकी हालत बिगड़ गई, रात में ही उन्हें हृदय रोग संस्थान कानपुर में भर्ती करना पड़ा। आरोप लगाया कि जब वह सीएमओ से मिलने आईं तो सीएमओ ने उनकी नहीं सुनी, बल्कि पति को गलत ठहराते हुए कहा काटे बोए तो काटे मिलेंगे। वह इस बात से नाराज होकर धरने पर बैठ गई।
उनकी मांग है की मामले की निष्पक्ष जांच हो, पति को साजिशन न फंसाया जाए। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि सीएचओ से विवाद का मामला है। सीएचओ ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की है। इस मामले से उनका कोई लेना देने नहीं है। उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल निराधार है। पुलिस जांच कर सत्यता के आधार पर कार्रवाई करेगी। (संवाद)