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Kanpur News: 30 लाख की धोखाधड़ी के मामले में मृतक और मां-बेटे पर एफआईआर
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कानपुर। जमीन बिक्री के नाम पर एक महिला से हुई 30 लाख रुपये की ठगी के मामले में रावतपुर पुलिस ने साल भर तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़िता ने जब आला अधिकारियों से संपर्क किया तो उनके आदेश पर रिपोर्ट तो दर्ज हुई लेकिन आरोपियों में एक मृतक का नाम भी शामिल कर लिया।
अब पुलिस मामले की जांच कर मृतक का नाम हटाने की बात कह रही है। रावतपुर गांव निवासी मीना सिंह ने दर्ज एफआईआर में बताया कि आठ साल पहले जमीन लेने के लिए विनायकपुर निवासी रमेश सिंह परिहार और उनकी पत्नी अमिता सिंह से मुलाकात हुई। दोनों अरमान डेवलपर्स के निदेशक थे।
दोनों ने रावतपुर में 250 वर्गगज का भूखंड दिखाया। बताया कि इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है। तीन फरवरी 2018 को 30 लाख रुपये देकर पंजीकृत बैनामा करा लिया। दोनों ने आश्वासन दिया कि जमीन की कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कब्जा दे दिया जाएगा। आरोप है कि उन्हें एक साल तक कब्जा नहीं दिया गया।
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एक दिन फोन किया तो अमिता ने पति रमेश सिंह की मौत की जानकारी देकर थोड़ा समय लगने की बात कही। 15 जनवरी 2025 को जब वहां जाकर देखा तो जमीन पर किसी और का निर्माण हो रहा था। पीड़ित मीना का आरोप है कि अमिता ने कहा कि उनका बेटा अभ्येंद्र सिंह परिहार डेवलपर्स का पूरा काम संभाल रहा है।
उनसे कहा कि शांत रहोगी तो तुम्हारी समस्या का कुछ इंतजाम कर देंगे। हालांकि न तो रुपये दिए और न ही जमीन मिली। रावतपुर थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रमेश सिंह परिहार, अमिता सिंह, अभ्येंद्र सिंह परिहार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। अगर किसी मृतक के खिलाफ रिपोर्ट हुई है, तो विवेचना में उसका नाम बाहर किया जाएगा।
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अब पुलिस मामले की जांच कर मृतक का नाम हटाने की बात कह रही है। रावतपुर गांव निवासी मीना सिंह ने दर्ज एफआईआर में बताया कि आठ साल पहले जमीन लेने के लिए विनायकपुर निवासी रमेश सिंह परिहार और उनकी पत्नी अमिता सिंह से मुलाकात हुई। दोनों अरमान डेवलपर्स के निदेशक थे।
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दोनों ने रावतपुर में 250 वर्गगज का भूखंड दिखाया। बताया कि इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है। तीन फरवरी 2018 को 30 लाख रुपये देकर पंजीकृत बैनामा करा लिया। दोनों ने आश्वासन दिया कि जमीन की कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कब्जा दे दिया जाएगा। आरोप है कि उन्हें एक साल तक कब्जा नहीं दिया गया।
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एक दिन फोन किया तो अमिता ने पति रमेश सिंह की मौत की जानकारी देकर थोड़ा समय लगने की बात कही। 15 जनवरी 2025 को जब वहां जाकर देखा तो जमीन पर किसी और का निर्माण हो रहा था। पीड़ित मीना का आरोप है कि अमिता ने कहा कि उनका बेटा अभ्येंद्र सिंह परिहार डेवलपर्स का पूरा काम संभाल रहा है।
उनसे कहा कि शांत रहोगी तो तुम्हारी समस्या का कुछ इंतजाम कर देंगे। हालांकि न तो रुपये दिए और न ही जमीन मिली। रावतपुर थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रमेश सिंह परिहार, अमिता सिंह, अभ्येंद्र सिंह परिहार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। अगर किसी मृतक के खिलाफ रिपोर्ट हुई है, तो विवेचना में उसका नाम बाहर किया जाएगा।