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Kanpur News: भक्तिनपुरवा में गंदगी व जलभराव से फैली बीमारी, 15 लोग बुखार की चपेट में

Wed, 02 Sep 2026 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 02 Sep 2026 01:02 AM IST
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Filth and waterlogging spread disease in Bhaktinpurwa, 15 people are suffering from fever.
शिवली। मैथा तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा गारब के भक्तिनपुरवा गांव में जलभराव और गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं। लगातार बारिश होने से महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित तालाब लबालब हो गया है। इसका पानी आसपास के घरों तक पहुंच गया है। इंटरलॉकिंग सड़क पर भी गंदा पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से गांव के करीब 15 लोग बुखार की चपेट में हैं।
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ग्रामीण राजेंद्र पाल ने बताया कि जलनिकासी के लिए गांव में नाला बना है लेकिन करीब एक साल से उसकी सफाई नहीं हुई है। नाला चोक होने के कारण करीब आठ घरों के सामने पानी भर गया है। उन्होंने बताया कि वह खुद दो दिन से बुखार से पीड़ित हैं। रविवार रात जलभराव बढ़ने पर मोहल्ले के लोगों ने मिलकर नाला साफ किया था। इससे पानी कुछ कम हुआ लेकिन सोमवार और मंगलवार रात हुई तेज बारिश के बाद फिर जलभराव हो गया।
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मंदिर के पास लगा सरकारी हैंडपंप भी पानी में आधा डूब गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी में आधे डूबे हैंडपंप से गंदा और बदबूदार पानी निकल रहा है। इससे लोग दूसरे मोहल्ले में लगे हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव से बढ़े मच्छरों के प्रकोप के चलते गांव के कमलेश पाल, उनकी पत्नी मूला देवी, राजेंद्र पाल, उनके बेटे आशीष, मिथलेश, रामवीर गौतम, खुशबू, प्रीति, आकांक्षा और सीता समेत अन्य लोग बुखार और बीमारी की चपेट में हैं।
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पुष्पा देवी ने बताया की जितने बार घर से निकलो जलभराव से गुजरना पड़ता है। मवेशियों के लिए चारा लाना है, लोगों को काम पर जाना है और नल से पानी लेने जाना है तो गंदे पानी से होकर जाना पड़ता है। मंदिर के आस-पास भी गंदा पानी भरा है। लगातार बारिश के पानी से निकलने पर गांव के करीब 15 लोग बुखार की चपेट में हैं। कोई शोभन तो कोई मैथा में उपचार करा रहा है।

ग्रामीणों ने नाला सफाई कराने, जलभराव दूर कराने और हैंडपंप की जांच कराकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। मैथा एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि भक्तिनपुरवा में जलभराव से लोगों के बीमार होने की जानकारी उनको नहीं है। यदि गांव में लोग बीमार हैं तो स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करके टीम गांव भेजकर लोगों को उपचार दिया जाएगा। साथ ही जल्द जलभराव की समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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