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कानपुर: तोप की ओवरहॉलिंग करने वाली पहली निर्माणी बनी फील्डगन फैक्टरी, नेवी के लिए बनाई सुपर रैपिड माउंटेन गन

Mon, 13 Dec 2021 10:31 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 13 Dec 2021 10:31 PM IST
सार

ओएफसी के महाप्रबंधक आरके सागर ने बताया कि निर्माणी मेक इन इंडिया के तहत उत्पादों को विकसित कर रही है। हालांकि आने वाले समय में कई चुनौतियां भी हैं।

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Fieldgun Factory became the first factory to overhaul a cannon
आरमरीना ग्राउंड पर लगी प्रदर्शनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर की निर्माणियों में सोमवार को प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें गजराज, तोप, मशीन गन, पैराशूट और अन्य उत्पाद दिखाए गए। प्रदर्शनी के माध्यम से देश की ताकत का भी लोगों को अहसास हुआ। वहीं, ये उत्पाद अपने जिले में बनने से लोगों ने गर्व भी महसूस किया। अधिकारियों ने भी उपलब्धियां गिनाईं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदर्शनी का वर्चुअल उद्घाटन किया। 
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फील्डगन फैक्ट्री पूरी तोप की ओवरहॉलिंग करने वाली पहली निर्माणी बन गई है। अभी तक टैंक और तोप के बैरलों की ओवरहॉलिंग होती रही है। इंडियन फील्ड गन (आईएफजी) की ओवरहॉलिंग करने में फैक्ट्री को सफलता मिली है। निर्माणी को एक साल पहले यह काम मिला था।
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जल्द ही सेना के अफसर इसका निरीक्षण करने आएंगे। अभी तक आर्मी के वर्कशॉप में ही इस तरह की ओवरहॉलिंग की जाती थी। वहीं, निर्माणी ने सुपर रैपिड गन माउंट को भी विकसित कर लिया है। इसे खास नेवी के लिए तैयार किया गया है। नेवी ने निर्माणी को बड़ा आर्डर भी दे दिया है।
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जिसे अगले तीन साल में पूरा करना है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आरमरीना ग्राउंड पर लगी प्रदर्शनी के दौरान पत्रकार वार्ता में यह जानकारी फील्डगन फैक्ट्री के महाप्रबंधक तुषार त्रिपाठी ने दी। अपर महाप्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि निर्माणी ने ट्रक पर माउंट करने वाली माउंटेड गन का आर्डनेंस बनाकर जबलपुर स्थित निर्माणी भेज दिया है।

इसके साथ ही बोफोर्स तोप बनाने वाली स्वीडन की कंपनी ने अपनी बैरलों को उच्चीकृत करने का आर्डर भी निर्माणी को दिया है। मित्र राष्ट्रों के साथ उत्पादों के निर्यात पर बातचीत शुरू कर दी गई है। सुपर रैपिड माउंट गन नेवी के लिए तैयार की गई है।

ओएफसी के महाप्रबंधक आरके सागर ने बताया कि निर्माणी मेक इन इंडिया के तहत उत्पादों को विकसित कर रही है। हालांकि आने वाले समय में कई चुनौतियां भी हैं। इस मौके पर एसएएफ के महाप्रबंधक विंदेश्वर सिंह, अपर महाप्रबंधक संदीप कन्हाई, सीके मंडल, संयुक्त महाप्रबंधक एहतेश्याम अख्तर, उप निदेशक अरुण कस्तवार, कार्य प्रबंधक अनुज तिवारी आदि रहे।

19 तक चलेगी ओईएफ में प्रदर्शनी
आयुध उपस्कर निर्माणी ओर से फूलबाग स्थित मैदान में प्रदर्शनी का स्थानीय स्तर पर शुभारंभ ट्रूप कंफर्ट लिमिटेड के सीएमडी एस के सिन्हा ने किया। यह प्रदर्शनी 19 दिसंबर तक चलेगी। ओईएफ  मुख्य द्वारा के समीप स्थित स्कूल के प्ले ग्राउंड को भव्य तरीके से सजाया गया। ओईएफ  में बनाए जाने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। बताया कि कोरोना काल में ओईएफ  ने मेडिकल आइसोलेशन टेंट तथा कवर ऑल (पीपीई किट) बनाए। यहां टीसीएल के निदेशक अतुल गुप्ता, मेजर जनरल रवि पाटिल, ओईएफ  के महाप्रबंधक बी उदय कुमार आदि रहे।

मेक इन इंडिया पर जोर, सीडीएस को दी श्रद्धांजलि
एचएएल में परिवहन वायुयान प्रभाग की ओर से सार्वजनिक प्रदर्शनी लगाई गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने हवाई दुर्घटना में शहीद हुए सीडीएस बिपिन रावत समेत सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि देश में पहले रक्षा क्षेत्र में निर्भर बनाने को उचित प्रयास नहीं किया गया। देश में रक्षा उत्पादों को निर्मित करने पर बल दिया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 19 दिसंबर तक रहेगी। प्रदर्शनी में प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी का काम हो रहा है। पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया और सतीश महाना को सम्मानित किया गया। एचएएल के महाप्रबंधक अपूर्वा राय ने डीओ 228 विमान, सिविल डीओ 228 विमान निर्माण के बारे में बताया। विमानों के कल पुर्जों और हवाई जहाज के डेमो को अतिथियों ने देखा। कार्यक्रम में एयरफोर्स के अधिकारी भी रहे। कार्यक्रम परिसर में पौधरोपण भी किया गया। विमान घटकों और मॉडलों की सार्वजनिक प्रदर्शनी 14 से 17 दिसंबर तक सुबह 9 से शाम 5 बजे रहेगी। इसके अलावा डीओ -228 और अवरो एब्रो विमान 18, 19 दिसंबर को प्रदर्शित होंगे।

एसएएफ में बन सकते हैं एके 203 राइफल के उपकरण
एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और रूस की कंपनी के साथ हाल में समझौता हुआ है। इसके तहत पांच लाख एके 203 राइफल बनाई जानी हैं। जिसमें से 70 हजार एके-203 राइफल कंपनी बनाकर देगी। एसएएफ में भी इसके कुछ उपकरण बन सकते हैं।

1944 की होवित्जर तोप संग आधुनिक सारंग और धनुष
आरमरीना ग्राउंड में लगी प्रदर्शनी में ओएफसी, फील्डगन और लघु शस्त्र निर्माणी में बनने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इसमें 1944 में बनी होवित्जर तोप के साथ आधुनिक सारंग और धनुष तोप की बैरल भी रही। इसके साथ ही आईएफजी, सुपर रैपिड गन माउंटेन, मैगगन, एलएमजी बेल्ट फेल्ड, स्क्यूब, जेवीपीसी, प्रहार रिवाल्वर, मार्क फोर रिवाल्वर, इंसास राइफल, गन मशीन, निर्भीक, निशंक रिवाल्वर, अलग-अलग प्रकार के तोप के गोले, मोर्टार, पिनाक मल्टी बैरल राकेट लांचर का प्रदर्शन किया गया। वहीं, उत्पादों के साथ लोगों ने फोटो खिंचवाए और सेल्फी ली।

आईएफजी एक नजर
कैलिबर 105 एमएम, भार 3400 किलो, बैरल लेंथ 3.89 मीटर, ओवरऑल लेंथ 7.66 मीटर, रेंज 18 किलोमीटर, रेट ऑफ फायर 3-6 राउंड पर मिनट

सुपर रैपिड गन माउंट एक नजर
कैलिबर 76 एमएम, ओवरआल लेंथ 4700 एमएम, रेंज 15900 मीटर, रेट ऑफ फायर 120 राउंड पर मिनट

स्कूलों के छात्र देख सकेंगे प्रदर्शनी
कानपुर के अलग-अलग स्थानों पर लगी प्रदर्शनी का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल किया। उन्होंने उत्पादों की सराहना की। बताया गया कि मंगलवार से अलग-अलग स्कूलों के छात्र सुबह 10 से दोपहर 4 बजे तक उत्पादों को देख सकेंगे।
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