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Kanpur News: बदलते मौसम में सता रहा बुखार, मेले में पहुंचे 237 मरीज
Mon, 21 Sep 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:26 AM IST
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कानपुर देहात। जनपद के एक नगरीय व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। बदलते मौसम में लोग बुखार से पीड़ित हैं और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मेले में इलाज के लिए पहुंचने वाले 1876 मरीजों में 237 बुखार से पीड़ित रहे। सभी की जांच कर जरूरी दवाएं वितरित की गईं।
बारिश और थोड़ी देर बाद तेज धूप से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 908 पुरुष, 711 महिलाएं व 257 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 748 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 30 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
बुखार से पीड़ित मरीजों में 84 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा सर्दी जुकाम के 108 मरीज, 192 मरीज पेट व 256 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 63, मधुमेह के 97 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 77 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं, 40 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 33 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 13 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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वहीं, मूसानगर पीएचसी में 50 मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। चिकित्सक पूनम शर्मा ने बताया कि अधिकांश मरीज मौसमी बीमारी से परेशान आए, सभी की जांच कर जरूरी दवाएं देने के साथ बचाव के तरीके बताए गए। इसके अलावा अमरौधा पीएचसी में आयोजित मेले में इलाज के लिए 65 मरीज पहुंचे। डॉ. वंदना गुप्ता ने बताया कि अमरौधा से अजय कुमार को बुखार व राजेश को त्वचा संबंधित बीमारी थी।
इसके अलावा ट्योंगा के कल्लू ने पेट दर्द, दिवैर की सोना, जानवी बुखार से ग्रसित रहीं, इनकी जांच कर दवाएं दी गईं। मौसम में हो रहे बदलाव में लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। ऐसे में पानी को उबाल कर पीने, खुले फल या मिठाई को न खाने की सलाह दी गई है। महेंद्र प्रताप सिंह, गौरव, सनो परवीन, राज नारायण आदि मौजूद रहे।
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बारिश और थोड़ी देर बाद तेज धूप से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 908 पुरुष, 711 महिलाएं व 257 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 748 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 30 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
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बुखार से पीड़ित मरीजों में 84 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा सर्दी जुकाम के 108 मरीज, 192 मरीज पेट व 256 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 63, मधुमेह के 97 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 77 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं, 40 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 33 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 13 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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वहीं, मूसानगर पीएचसी में 50 मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। चिकित्सक पूनम शर्मा ने बताया कि अधिकांश मरीज मौसमी बीमारी से परेशान आए, सभी की जांच कर जरूरी दवाएं देने के साथ बचाव के तरीके बताए गए। इसके अलावा अमरौधा पीएचसी में आयोजित मेले में इलाज के लिए 65 मरीज पहुंचे। डॉ. वंदना गुप्ता ने बताया कि अमरौधा से अजय कुमार को बुखार व राजेश को त्वचा संबंधित बीमारी थी।
इसके अलावा ट्योंगा के कल्लू ने पेट दर्द, दिवैर की सोना, जानवी बुखार से ग्रसित रहीं, इनकी जांच कर दवाएं दी गईं। मौसम में हो रहे बदलाव में लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। ऐसे में पानी को उबाल कर पीने, खुले फल या मिठाई को न खाने की सलाह दी गई है। महेंद्र प्रताप सिंह, गौरव, सनो परवीन, राज नारायण आदि मौजूद रहे।