UP: भगवा लहरा धार्मिक स्थल में 20 मिनट तक हिंदू संगठनों का कब्जा, कब्रें तोड़ने पर दो समुदायों में पथराव
यूपी के फतेहपुर जिले में विवादित स्थल में घुसे हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश की। भारी भीड़ के सामने पुलिस बेबस दिखाई दी। प्रशासन मामला संभालने में जुटा।
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मंदिर और मकबरे को लेकर कुछ समय पहले उपजे विवाद के चलते सोमवार को जमकर हंगामा और बवाल हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष के आह्वान पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। यह लोग प्राचीन इमारत के ठाकुरद्वारा मंदिर होने का दावा करते हुए पुलिस की बैरिकेडिंग गिराकर परिसर तक पहुंच गए। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में करीब 20 मिनट तक धार्मिक स्थल पर इन लोगों ने कब्जा जमाए रखा। कार्यकर्ताओं ने यहां भगवा लहराकर धूपबत्ती जलाई और नारेबाजी की। इस दौरान डंडों से मजार व कब्रों में जमकर तोड़फाेड़ भी की गई। इससे तनाव का माहौल बन गया। दूसरे समुदाय के लोग भी पीछे के रास्ते से पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव और मारपीट शुरू हो गई। डीएम रविंद्र सिंह व एसपी अनूप सिंह ने किसी तरह हालात काबू में किए। एडीजी संजीव गुप्ता ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में हिंदू संगठन के 10 नामजद सहित 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शहर के आबूनगर रेड्डया में प्राचीन धार्मिक स्थल है। स्थल के कई वर्षों एक समुदाय के लोग अनुयायी हैं। मंदिर-मठ संरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य धनंजय द्विवेदी समेत अन्य लोगों ने सात अगस्त को डीएम रविंद्र सिंह को एक मांग पत्र सौंपकर स्थल को प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर बताया था। जहां नए सिरे से रंगाई-पुताई और बिना अनुमति के मजारों को स्थापित किए जाने का दावा किया था। समिति की ओर से सोमवार को यहां साफ-सफाई कर पूजा पाठ की बात कही गई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल व विहिप प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय समेत कई हिंदू संगठन के नेताओं के सोशल मीडिया व बैठक से मंदिर के शुद्धिकरण और नियमित पूजा-पाठ करने का आह्वान किया था। इस पर सोमवार सुबह नौ बजे से ही धार्मिक स्थल के करीब डाक बंगले के सामने कर्पूरी ठाकुरी चौराहे पर बड़ी संख्या में भाजपा, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचने लगे। यहां जमकर नारेबाजी की गई। एएसपी महेंद्र पाल सिंह और एडीएम अविनाश त्रिपाठी, सीओ सिटी गौरव शर्मा ने समझाने का प्रयास किया। इसी बीच करीब 11 बजे बैरिकेडिंग तोड़कर हिंदू संगठनों के 300 से अधिक कार्यकर्ता इमारत तक पहुंच गए। पुलिस बल के सामने ही अंदर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की।
पथराव व भगदड़ में बजरंग दल के संयोजक धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, धर्म प्रसार सह प्रमुख खजुहा प्रखंड रामप्रताप अनुरागी, बिंदकी के बजरंग दल के सह संयोजक सजल को चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर ही करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी व हंगामे का दौर चलता रहा। बाद में एडीजी संजीव गुप्ता मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। उन्होंने सतर्कता की कमी और सुरक्षा के लिहाज से कम फोर्स तैनात किए जाने पर पुलिस अधिकारियों से नाराजगी जताई। हालांकि मामला बढ़ने पर कौशांबी और बांदा जिले से फोर्स मौके पर पहुंची है।
सभी लोगों को समझाकर घर भेज दिया गया है। कुछ लोग आए थे जो चले गए हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 10 थानों की फोर्स व एक प्लाटून पीएसी व गैर जिलों का फोर्स बुलाया गया है। एक पक्ष की मांग पर झंडे हटा दिए गए हैं। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अनूप सिंह-एसपी
हम प्रशासन के आश्वासन पर कायम हैं। जिन लाेगों ने जबरदस्ती तोड़फोड़ की है। उन लोगों के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हैं। सभी से अमन-चैन कायम रखने की अपील करता हूं। - अबदुल्ला सईदुल इस्लाम-शहर काजी
एक पुराने मकबरे को तोड़ने की कोशिश कर भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। कोई आपत्ति होने पर लोग कोर्ट जा सकते थे। कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। वह मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि जो लोग मकबरे को शहीद करने में शामिल हैं। उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी- अध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम जमात