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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Fatehpur: Life imprisonment to 10 accused in the murder of five including three brothers after 31 years

Fatehpur: 31 साल बाद तीन भाइयों समेत पांच की हत्या में 10 आरोपियों को उम्रकैद, अर्थदंड भी लगाया

Thu, 08 Jun 2023 10:30 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 08 Jun 2023 10:30 PM IST
सार

यूपी के फतेहपुर जिले में तीन भाइयों समेत पांच हत्या के मामले में कोर्ट ने 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दो अभियुक्तों पर 35-35 हजार और बाकी आठ पर 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

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Fatehpur: Life imprisonment to 10 accused in the murder of five including three brothers after 31 years
सजा के बाद कोर्ट से कातिलों को लॉकअप लेकर जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फतेहपुर जिले में तीन भाइयों समेत पांच की सामूहिक हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश/पाक्सो एक्ट कोर्ट प्रथम के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो अभियुक्तों को 35-35 हजार और बाकी आठ को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। फैसला 31 साल बाद आया है। पीड़ित परिवार ने कोर्ट के फैसले को सराहा है।

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जघन्य हत्याकांड खागा कोतवाली क्षेत्र के गांव पाई में 23 जुलाई 1992 को हुआ था। वादी श्याम बिहारी शुक्ला के पुत्र कमलाकांत उर्फ जुजलाल, नरेंद्र, भतीजा गिरिजाशंकर उर्फ बमशंकर, पौत्र ओमप्रकाश व गांव के रमाकांत की गोली से भूनकर और लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। वादी का पुत्र कृष्णऔतार व शिवब्रत, पीतांबर गंभीर रूप से घायल हुए थे। हत्या में कौशांबी जिला सैनी थाना क्षेत्र के कानमेई निवासी सगे भाई संतोष दुबे और दिनेश दुबे, झल्लर पंडित, पाई गांव के बड़कू सविता, चंद्रपाल उर्फ छोटकू, बूंदी पासवान, अंसार, निसार, मकबूल, इकबाल, सत्तार, रशीद, एजाज, लल्लू खान, लल्लू उर्फ ललकू सविता कुल 15 के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।

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मुकदमा दौरान अभियुक्त झल्लर, बड़कू, बूंदी पासवान, मकबूल और रशीद की मौत हो चुकी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट में सात जून को अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने जीवित 10 अभियुक्तों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने गुरुवार को सारे आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 30-30 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी निसार और लल्लू के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट अलग दाखिल की थी।

आर्म्स एक्ट में दोनों आरोपियों को 30 हजार के अलावा पांच-पांच हजार अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में कुल सात गवाह पेश हुए। सामूहिक हत्याकांड की वजह श्याम बिहारी शुक्ला के पौत्र की हत्या थी। हत्याकांड में कौशांबी के संतोष दुबे समेत अन्य के खिलाफ युवक की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसके बाद से संतोष पक्ष पैतृक गांव नेमानीपर मजरे कस्बा सोहन स्थित 80 बीघा जमीन जोत नहीं पा रहा था। इसी वजह सामूहिक हत्याएं की गई थी।

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