Fatehpur: नीची जात में प्यार पड़ा भारी, भाई ने बहन का गला घोंटा, कुएं में फेंकी लाश, बोला- अपमान बर्दाश्त नहीं
Fatehpur News: फतेहपुर में एक भाई ने अपनी बहन की इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह दूसरी जाति के युवक से प्रेम करती थी। आरोपी ने गला दबाकर बहन को मारा और शव कुएं में फेंकने के बाद खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
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फतेहपुर जिले के हसवा कस्बे में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक युवक ने अपनी बहन की हत्या कर उसका शव खेत के पास बने कुएं में फेंक दिया। घटना के बाद आरोपी खुद हसवा चौकी पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पिता शिवसिंह (कल्लू) ने बताया कि बेटी मृतका रंजू की शादी एक मई को सोनही बड़नपुर गांव निवासी पिंटू उर्फ अजय के साथ हुई थी। शादी के बाद चौथी की रस्म के लिए वह मायके आई थी। आरोपी भाई संदीप ने बताया कि इसी दौरान वह अपने प्रेमी के साथ चली गई थी।
प्रेमी के साथ जाने की जिद कर रही थी रंजू
तीन दिन बाद में 16 मई को वापस लौटने पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया। ससुराल पहुंचने के बाद भी रंजू अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद कर रही थी। भाई संदीप को जानकारी होने पर अहमदाबाद से घर आया। वह बहन को समझाने और मायके लाने के लिए ससुराल पहुंचा।
रास्ते में दोनों के बीच विवाद हो गया
वहां से बहन को लेकर गांव लौटते समय जंगल के रास्ते में दोनों के बीच विवाद हो गया। गुड्डू सिंह के खेत के पास बने कुएं के निकट भाई ने बहन का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया। घटना के बाद आरोपी वहीं रात भर पड़ा रहा।
कुएं से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
दूसरे दिन शनिवार को सुबह आठ बजे हसवा चौकी पहुंचा और पुलिस को पूरी जानकारी दी। सूचना पर थाना प्रभारी शमशेर बहादुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कुएं से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर दमकल कर्मियों ने शव को कुएं से बाहर निकाला।
मामले की जांच में जुटी है पुलिस
फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए। क्षेत्राधिकारी वीर सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतका तीन भाई और तीन बहन थी। बड़ा भाई संदीप जिसने हत्या की, दूसरा भाई कुलदीप व छोटा रंजीत है। वहीं, तीन बहनें अंजू, रंजू और आरती हैं।
वह नीची जाति का, हम ऊंची जात के
हसवा चौकी में पंहुचा भाई ने हत्या कबूल की। उसका कहना था कि वह कसाई बिरादरी का है, जबकि हम यादव है। नीच जात में शादी कैसे कर देते। बहन को बहुत समझाया] लेकिन नहीं मानी तो गला दबाकर हत्या कर दी।