Farrukhabad: अपहरण व हत्या में तीन को आजीवन कारावास, चार आरोपियों की सुनवाई के दौरान हो गई थी मौत
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फर्रुखाबाद में रंजिश में 30 वर्ष पहले युवक का अपहरण कर हत्या में कोर्ट ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चार आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव मटमई निवासी पप्पू उर्फ छोटे सिंह 22 जून 1992 की रात को पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठे थे।
तभी गांव के कप्तान उर्फ झिंगुरी, रामकिशन, रामलड़ैते, गेंदालाल, वीरे उर्फ वीरलाल, बुद्धपाल, अली हसन दरवाजे पर आए और रंजिश में मारपीट कर पप्पू को अगवा कर ले गए। पिता लक्ष्मण सिंह ने कप्तान सहित सात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि पांच वर्ष पूर्व पप्पू की कप्तान से मारपीट हो गई थी। तभी से दोनों में रंजिश चल रही थी। घटना के दूसरे दिन पप्पू का शव बरामद हुआ था। विवेचक ने अपहरण कर हत्या व शव को गायब करने के आरोप में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कप्तान, रामलड़ैते, वीरे व बुद्धपाल की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह ने हत्या में 25 नवंबर को राम किशन, गेंदालाल, अली हुसैन को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायाधीश ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों पर 1.40-1.40 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न जमा करने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अपर शासकीय अधिवक्ता हरिनाथ सिंह, राजीव भगोलीवाल, अखिलेश कुमार सिंह ने दलीलें दीं।