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बांदा: बैंक कर्जदार लघु सीमांत किसान ने फांसी लगा जान दी, पर्याप्त खेती न होने से टेंट का साधारण व्यवसाय भी करते थे
Wed, 06 Jan 2021 02:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 06 Jan 2021 02:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
बांदा जिले में तिंदवारी थाना क्षेत्र में बैंक के कर्जदार लघु सीमांत किसान ने तंगहाली से परेशान होकर मंगलवार को सुबह फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। खेती से घर का खर्च पूरा न हो पाने पर वह गांव में ही छोटा-मोटा किराये के टेंट का धंधा भी करते थे, लेकिन कोरोना के बाद उसका यह काम भी बंद था।
उधर, बैंक प्रबंधक का कहना है कि वसूली का कोई दबाव नहीं बनाया गया था। थाना क्षेत्र के गोधनी गांव में कल्लू उर्फ हिटलर (45) पुत्र स्वर्गीय भवानीदीन यादव ने मंगलवार को सुबह अपने घर के खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद वहां पहुंची उसकी 13 वर्षीय बेटी अनुराधा ने शव लटकता देखा तो घरवालों को सूचना दी। पत्नी कल्ली मैहर गई थी। पति की मौत की खबर पाकर वह भी वापस आ गईं। घटना के वक्त घर में उसके तीन बच्चे थे।
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पत्नी ने बताया कि पति ने खाद-बीज के लिए वर्ष 2019 में कोआपरेटिव बैंक, तिंदवारी से 30 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 38 हजार रुपये हो गया है। खेती से गुजारा नहीं हो पाता था, इसलिए घर में ही छोटा-मोटा टेंट का काम भी शुरू किया था, लेकिन कोरोना काल में यह काम भी नहीं चला।
पत्नी के मुताबिक, कर्ज और आर्थिक तंगहाली से परेशान होकर पति ने आत्महत्या की है। उसके नाम 8 बीघा जमीन है। प्रभारी निरीक्षक जाकिर हुसैन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। किसान अपने पीछे पत्नी के अलावा पुत्र रोहित, भोला और पुत्री अनुराधा छोड़ गया है।
यह तीनों गांव के जूनियर हाईस्कूल में पढ़ते हैं। उधर, कोआपरेटिव बैंक शाखा प्रबंधक रामनरेश कुशवाहा ने मृतक किसान पर कर्ज की पुष्टि की। साथ ही यह भी कहा कि वसूली के लिए किसी तरह का दबाव या नोटिस की कार्रवाई नहीं की गई। नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया ने बताया कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, बैंक प्रबंधक का कहना है कि वसूली का कोई दबाव नहीं बनाया गया था। थाना क्षेत्र के गोधनी गांव में कल्लू उर्फ हिटलर (45) पुत्र स्वर्गीय भवानीदीन यादव ने मंगलवार को सुबह अपने घर के खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।
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कुछ देर बाद वहां पहुंची उसकी 13 वर्षीय बेटी अनुराधा ने शव लटकता देखा तो घरवालों को सूचना दी। पत्नी कल्ली मैहर गई थी। पति की मौत की खबर पाकर वह भी वापस आ गईं। घटना के वक्त घर में उसके तीन बच्चे थे।
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पत्नी ने बताया कि पति ने खाद-बीज के लिए वर्ष 2019 में कोआपरेटिव बैंक, तिंदवारी से 30 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 38 हजार रुपये हो गया है। खेती से गुजारा नहीं हो पाता था, इसलिए घर में ही छोटा-मोटा टेंट का काम भी शुरू किया था, लेकिन कोरोना काल में यह काम भी नहीं चला।
पत्नी के मुताबिक, कर्ज और आर्थिक तंगहाली से परेशान होकर पति ने आत्महत्या की है। उसके नाम 8 बीघा जमीन है। प्रभारी निरीक्षक जाकिर हुसैन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। किसान अपने पीछे पत्नी के अलावा पुत्र रोहित, भोला और पुत्री अनुराधा छोड़ गया है।
यह तीनों गांव के जूनियर हाईस्कूल में पढ़ते हैं। उधर, कोआपरेटिव बैंक शाखा प्रबंधक रामनरेश कुशवाहा ने मृतक किसान पर कर्ज की पुष्टि की। साथ ही यह भी कहा कि वसूली के लिए किसी तरह का दबाव या नोटिस की कार्रवाई नहीं की गई। नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया ने बताया कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।