{"_id":"5f6f7e3de0f51c3c2b20b9fe","slug":"farmer-commits-suicide-in-kannauj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज: धान की फसल सूखने पर किसान ने की आत्महत्या, लॉकडाउन में छिन गया था काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज: धान की फसल सूखने पर किसान ने की आत्महत्या, लॉकडाउन में छिन गया था काम
Sat, 26 Sep 2020 11:26 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 26 Sep 2020 11:26 PM IST
विज्ञापन
मृतक किसान रामऔतार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज जिले के इंदरगढ़ में खेत में लगे सबमर्सिबल पंप की बोरिंग खराब हो गई और बारिश भी कम हुई, इससे किसान की धान की फसल खराब हो गई। फसल खराब होने के सदमे में किसान ने शुक्रवार रात को गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
नायब तहसीलदार ने गांव जाकर जांच की और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधमपुर गांव के मजरा टुंडपुरा निवासी किसान रामऔतार (50) पुत्र सुखवासी लाल को पांच बीघा जमीन पट्टे पर मिली थी।
खेती से परिवार का गुजारा न होने के कारण रामऔतार राजस्थान की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन होने पर वह गांव लौट आया था। उसने खेत में धान की फसल की बुआई की।
विज्ञापन
खेत में लगा सबमर्सिबल पंप खराब होने से फसल बारिश पर निर्भर हो गई। बारिश न होने से फसल सूख गई। इससे रामऔतार कई दिनों से परेशान था। शुक्रवार रात उसने गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
नायब तहसीलदार ने गांव जाकर जांच की और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधमपुर गांव के मजरा टुंडपुरा निवासी किसान रामऔतार (50) पुत्र सुखवासी लाल को पांच बीघा जमीन पट्टे पर मिली थी।
विज्ञापन
खेती से परिवार का गुजारा न होने के कारण रामऔतार राजस्थान की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन होने पर वह गांव लौट आया था। उसने खेत में धान की फसल की बुआई की।
विज्ञापन
खेत में लगा सबमर्सिबल पंप खराब होने से फसल बारिश पर निर्भर हो गई। बारिश न होने से फसल सूख गई। इससे रामऔतार कई दिनों से परेशान था। शुक्रवार रात उसने गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने शव लटका देख परिजनों को सूचना दी। पूर्व प्रधान राजाराम दिवाकर ने बताया कि रामऔतार के तीन बच्चे हैं। वह धान की फसल सूखने से परेशान था। ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया ने घर जाकर परिवार के लोगों को धैर्य बंधाया।
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित लाल ने गांव जाकर किसान का खेत देखा और परिवार के लोगों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में धान की फसल खराब होने से सदमे में आत्महत्या की बात सामने आई है।
इंदरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश ने जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने भी बताया कि परिजनों ने धान की फसल सूख जाने को आत्महत्या की वजह बताया है।
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित लाल ने गांव जाकर किसान का खेत देखा और परिवार के लोगों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में धान की फसल खराब होने से सदमे में आत्महत्या की बात सामने आई है।
इंदरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश ने जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने भी बताया कि परिजनों ने धान की फसल सूख जाने को आत्महत्या की वजह बताया है।