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खाद की बोरी में निकले ढेले, किसानों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:36 AM IST
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रबी फसल में बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों को खरीफ फसल में राहत देने के लिए शासन स्तर से योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
अफसरों की लापरवाही के चलते किसानों को शासन की मंशा के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसा ही एक वाकया ऊसर भूमि सुधार निगम के निशुल्क बीज, खाद वितरण कार्यक्रम में बुधवार को पुर गांव में हुआ।
गांवों में किसानों को बीज व खाद वितरण के दौरान डीएपी की बोरी में खाद की जगह जमे हुए ढेले निकले। किसानाें ने हंगामा शुरू कर दिया। जमी बोरियों को हटाए जाने के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
बताते चलें कि जिले में रबी फसल मेें किसानों को बारिश व ओलावृष्टि से काफी नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों को राहत देने लिए बुधवार को अकबरपुर क्षेत्र के पुर गांव में ऊसर भूमि सुधार निगम की ओर से नोडल अधिकारी डीके जोशी की देखरेख में किसानों को निशुल्क धान बीज, डीएपी, यूरिया खाद वितरण किया जा रहा था।
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इसी दौरान किसानों को खाद की बोरी में ढेले की आशंका हुई। बोरी को खोला गया तो खाद की बजाय जमे हुए खाद के ढेले निकले। जिसे देखकर किसान भड़क गए। किसानों ने हंगामा करते हुए बीज व खाद वितरण रुकवा दिया।
किसान अनिल यादव, सुरेंद्र यादव, देशराज, रामकुमार, भूरा कुशवाहा, कोमल यादव, धर्मबीर कुशवाहा, लल्लू शर्मा, अन्नू कुशवाहा आदि ने बताया कि किसानों को निशुल्क खाद, बीज वितरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
खाद वितरण कराने आए अधिकारी बिना देखे पुरानी जमी हुई खाद की बोरियों का किसानों में वितरण करा रहे थे। किसानों के काफी देर तक हंगामा करने से खाद व बीज वितरण ठप रहा।
नोडल अधिकारी की ओर से दूसरी खाद की बोरी देने के आश्वासन के बाद किसानों का गुस्सा शांत हो सका। वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ऊसर भूमि सुधार निगम मुकेश सिंह ने बताया कि पुर गांव में डीएपी खाद बोरी वितरण के दौरान एक बोरी में जमे हुए ढेले निकलने पर किसानों के हंगामा किए जाने की जानकारी मिली है।
भूलवश पुराने स्टाक की खाद बोरी वितरण के दौरान पहुंची है। खाद व बीज वितरण करा रहे कर्मचारियों को पुरानी बोरियों को हटवाने के निर्देश दिए हैं।
उपकृषि निदेशक प्रभारी रामसजीवन ने बताया कि खाद, बीज वितरण कार्यक्रम में डीएपी की जमी बोरी मेें ढेले निकलने की जानकारी नहीं है। नमी के चलते कई बार खाद की बोरियां जम जाती हैं। फिलहाल जमी बोरी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
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अफसरों की लापरवाही के चलते किसानों को शासन की मंशा के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसा ही एक वाकया ऊसर भूमि सुधार निगम के निशुल्क बीज, खाद वितरण कार्यक्रम में बुधवार को पुर गांव में हुआ।
गांवों में किसानों को बीज व खाद वितरण के दौरान डीएपी की बोरी में खाद की जगह जमे हुए ढेले निकले। किसानाें ने हंगामा शुरू कर दिया। जमी बोरियों को हटाए जाने के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
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बताते चलें कि जिले में रबी फसल मेें किसानों को बारिश व ओलावृष्टि से काफी नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों को राहत देने लिए बुधवार को अकबरपुर क्षेत्र के पुर गांव में ऊसर भूमि सुधार निगम की ओर से नोडल अधिकारी डीके जोशी की देखरेख में किसानों को निशुल्क धान बीज, डीएपी, यूरिया खाद वितरण किया जा रहा था।
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इसी दौरान किसानों को खाद की बोरी में ढेले की आशंका हुई। बोरी को खोला गया तो खाद की बजाय जमे हुए खाद के ढेले निकले। जिसे देखकर किसान भड़क गए। किसानों ने हंगामा करते हुए बीज व खाद वितरण रुकवा दिया।
किसान अनिल यादव, सुरेंद्र यादव, देशराज, रामकुमार, भूरा कुशवाहा, कोमल यादव, धर्मबीर कुशवाहा, लल्लू शर्मा, अन्नू कुशवाहा आदि ने बताया कि किसानों को निशुल्क खाद, बीज वितरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
खाद वितरण कराने आए अधिकारी बिना देखे पुरानी जमी हुई खाद की बोरियों का किसानों में वितरण करा रहे थे। किसानों के काफी देर तक हंगामा करने से खाद व बीज वितरण ठप रहा।
नोडल अधिकारी की ओर से दूसरी खाद की बोरी देने के आश्वासन के बाद किसानों का गुस्सा शांत हो सका। वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ऊसर भूमि सुधार निगम मुकेश सिंह ने बताया कि पुर गांव में डीएपी खाद बोरी वितरण के दौरान एक बोरी में जमे हुए ढेले निकलने पर किसानों के हंगामा किए जाने की जानकारी मिली है।
भूलवश पुराने स्टाक की खाद बोरी वितरण के दौरान पहुंची है। खाद व बीज वितरण करा रहे कर्मचारियों को पुरानी बोरियों को हटवाने के निर्देश दिए हैं।
उपकृषि निदेशक प्रभारी रामसजीवन ने बताया कि खाद, बीज वितरण कार्यक्रम में डीएपी की जमी बोरी मेें ढेले निकलने की जानकारी नहीं है। नमी के चलते कई बार खाद की बोरियां जम जाती हैं। फिलहाल जमी बोरी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।