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सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायत का फर्जी निस्तारण, ये है पूरा मामला
Sun, 27 Dec 2020 08:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 27 Dec 2020 08:53 PM IST
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सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायत का फर्जी निस्तारण
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फर्रुखाबाद जिले में बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों में जल संचयन के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी के मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की गई। इसका निस्तारण बिना जांच के ही कर दिया गया। कहा गया कि जेई से फोन पर बात की गई है जबकि जेई का कहना है कि उन्होंने न तो कोई जांच की और न ही रिपोर्ट दी।
भाजपा किसान मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर शिकायत की थी कि राजेपुर ब्लाक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता है। बरसात के दिनों में गांव में जलभराव होने से रास्तों से निकलना चुनौती बन जाता है।
इन गांवों में जल निकासी की जरूरत है, जबकि परिषदीय स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र के गांव अलादादपुर भटौली, अलीगढ़ मोहद्दीनगर, बलीपट्टी रानीगांव, हरसिंहपुर, गांधी, गाजीपुर, गूजरपुर पमारान, जैनापुर महेशपुर, कूबेरपुर कुतलूपुर, मुजहा, कुम्हरौर, पिथनापुर, रतनपुर पमारान आदि बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों में प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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बाढ़ का पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर शासन से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। प्रभारी श्रम उपायुक्त /परियोजना निदेशक डीआरडीए राजमणि वर्मा ने शिकायत का निस्तारण कर डीएम को 26 दिसंबर को रिपोर्ट भेज दी।
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भाजपा किसान मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर शिकायत की थी कि राजेपुर ब्लाक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता है। बरसात के दिनों में गांव में जलभराव होने से रास्तों से निकलना चुनौती बन जाता है।
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इन गांवों में जल निकासी की जरूरत है, जबकि परिषदीय स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र के गांव अलादादपुर भटौली, अलीगढ़ मोहद्दीनगर, बलीपट्टी रानीगांव, हरसिंहपुर, गांधी, गाजीपुर, गूजरपुर पमारान, जैनापुर महेशपुर, कूबेरपुर कुतलूपुर, मुजहा, कुम्हरौर, पिथनापुर, रतनपुर पमारान आदि बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों में प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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बाढ़ का पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर शासन से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। प्रभारी श्रम उपायुक्त /परियोजना निदेशक डीआरडीए राजमणि वर्मा ने शिकायत का निस्तारण कर डीएम को 26 दिसंबर को रिपोर्ट भेज दी।
इसमें कहा कि 24 दिसंबर को पत्र भेजकर बीडीओ से तकनीकी जांच कर आख्या मांग ली गई है। अवर अभियंता लघु सिंचाई विभाग ने फोन पर जानकारी दी कि जहां पानी का लेवल मानक के अनुरूप नहीं है, उन स्थानों पर शासन की मंशा के अनुरूप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बनवाए जा रहे हैं।
वहीं लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की न तो कोई जांच की और न ही रिपोर्ट दी है। उधर, शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य कराकर मनमानी जारी है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा इस राजेपुर क्षेत्र में 65 प्लांट लगवाने का दावा किया जा रहा है। काम पूरा न होने और चहेती फर्म को भुगतान के लिए डेढ़ गुनी लागत के एस्टीमेट बनवाकर 103 स्कूलों में मनरेगा कनवर्जेंस से काम कराया जा रहा है।
यही खेल जिले के सभी सात ब्लाकों में चल रहा है। शुरुआती दौर में लघु सिंचाई विभाग के जेई अशोक कुमार को रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समय से काम पूरा न होने पर अब मनरेगा से काम कराया जा रहा है।
वहीं लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की न तो कोई जांच की और न ही रिपोर्ट दी है। उधर, शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य कराकर मनमानी जारी है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा इस राजेपुर क्षेत्र में 65 प्लांट लगवाने का दावा किया जा रहा है। काम पूरा न होने और चहेती फर्म को भुगतान के लिए डेढ़ गुनी लागत के एस्टीमेट बनवाकर 103 स्कूलों में मनरेगा कनवर्जेंस से काम कराया जा रहा है।
यही खेल जिले के सभी सात ब्लाकों में चल रहा है। शुरुआती दौर में लघु सिंचाई विभाग के जेई अशोक कुमार को रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समय से काम पूरा न होने पर अब मनरेगा से काम कराया जा रहा है।