UP: 5500 बच्चों का फर्जी नामांकन! सरकार से ले रहे हैं लाभ, पढ़ रहे हैं निजी स्कूलों में, जानें कैसे हुआ खुलासा
Chitrakoot News: चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के परिषदीय स्कूलों का मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया है। यहां निजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे सरकारी स्कूलों की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। आधार सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
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उत्तर प्रदेश में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के परिषदीय स्कूलों में साढ़े पांच हजार बच्चों का फर्जी नामांकन कराने का मामला प्रकाश में आया है। यह ऐसे बच्चे हैं, जो पढ़ तो निजी स्कूलों में रहे हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दी जाने वाली सभी सरकारी योजनाओं को पूरा-पूरा लाभ भी ले रहे हैं।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा डायट पोर्टल पर परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के आधार के सत्यापन में हुआ है। इन सभी बच्चों का दो-दो स्कूलों में दाखिला मिला है। मंडल के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा जनपद के 4801 परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2023-24 में 5,29,441 बच्चों का कक्षा एक से आठ तक में दाखिला हुआ है।
इनमें से अभी तक डायट पोर्टल के जरिए 4,78,156 बच्चों का आधार सत्यापन किया गया है। इसमें से 5,599 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिनका परिषदीय स्कूल के अलावा निजी विद्यालयों में भी नामांकन मिला है। इन बच्चों को परिषदीय स्कूलों के छात्रों को दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं वजीफा, किताब आदि की सुविधा दी जा रही हैं।
नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर विभाग ने ऐसे सभी बच्चों का परिषदीय स्कूलों से नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब पांच हजार बच्चों के आधार का अभी सत्यापन होना बाकी है। ऐसे में सरकारी के साथ निजी स्कूलों में भी पढ़ने वाले बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है। मामले में कार्रवाई की जा रही है।
मंडल में आधार सत्यापन में पकड़े गए फर्जी छात्र-छात्राएं
जनपद स्कूल नामांकन सत्यापन फर्जी छात्र
बांदा 1725 192696 174615 2338
चित्रकूट 1261 130847 112179 1198
हमीरपुर 967 104945 95421 1700
महोबा 848 100953 95941 363
योग 4801 529441 478156 5599
कहीं नामांकन बढ़ाने के फेर में तो नहीं कर लिया दाखिला
हर बार नए शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों से नामांकन बढ़ाने को कहा जाता है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक कई बार नामांकन में बच्चों की संख्या बढ़ाने के फेर में निजी स्कूल में बच्चे के पढ़ने की जानकारी के बावजूद भी परिषदीय स्कूल में उसका नामांकन कर लिया जाता है।
गलत है आधार सत्यापन
बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि आधार सत्यापन में जो नामांकन दोबारा दिख रहे हैं, वह गलत हैं। कुछ बच्चे तो हो सकते हैं, इतनी बड़़ी संख्या नहीं हो सकती है। अब बच्चों को रजिस्ट्रेशन के बाद यूनिक कोड नंबर जारी किया जा रहा है। अब ऐसा संभव नहीं है।
आधार सत्यापन इसीलिए कराया जा रहा है कि बच्चों का दो स्कूलों में तो प्रवेश नहीं है। ऐसे बच्चों के नाम परिषदीय स्कूल से हटा दिए जाएंगे या फिर उन्हें निजी स्कूल छोड़ना पड़ेगा। कई बच्चों के नामांकन निरस्त भी किए गए हैं। -अरुण कुमार, उप शिक्षा निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा